प्लुत!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्लुत – तीन मात्र वाले ३ मोंत्रस नि कहलाते है. Pluta- Word with 3 Matras (intra- syllabic vowel symbols)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्लुत – तीन मात्र वाले ३ मोंत्रस नि कहलाते है. Pluta- Word with 3 Matras (intra- syllabic vowel symbols)
उच्चारणाचार्य Name of an Acharya. एक आचार्य जिन्होंने कषाय पाहुड़ के चूर्णिसूत्रों के आधार पर उच्चारण वृत्ति नामक टीका लिखी।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रोक्षण विधी- प्रतिमा की प्रतिश्ठा के समय की जाने वाली एक विधि; पंचकल्याणक प्रतिश्ठा में सौभाग्यवती सित्रयों द्वारा आकार षुद्धि की क्रिया में भगवान की प्रतिमा में मंत्रपूर्वक जो चंदन लेपन कराया जाता है, उसका नाम प्रोक्षण विधी है, इसक सम्प्रोक्षण विधि भी कहते है। Praksana Vidhi- A prescribed ritual procedure for the installation…
आवागमन Transmigration, Arrival and departure. भव-भव में भ्रमण करना आना-जाना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दिगवलोकन An infraction of meditative relaxation (Kayotsarga) (to watch in all directions). कायोत्सर्ग का एक अचिार, आठों दिशाओं की तरफ देखना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बंध समुत्पत्तिक- जिन सत्कर्म स्थानों की उत्पत्ति बन्ध से होती है, उन्हें बन्ध समुत्पत्तिक कहते है। Bandha Samutpattika- meritorious places caused due to binding of karmas
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षोडशकारण भावना – Sodashakaarana Bhaavanaa. Sixteen spiritual reflections (sentiments causing to be Tirthankar(Jaina-Lord)). तीर्थंकर प्रकृति की कारणभूत दर्शनविशुद्धि आदि 16 भावनाएं ” दर्शन विशुद्धि, विनय संपन्नता, शीलव्रतों में अनतिचार (शीलव्रतेष्वनतिचार), अभीक्ष्णज्ञानोपयोग, संवेग, शक्तिस्ततप, शक्तितस्त्याग, साधु समाधि, वैयावृत्यकरण, अर्हंत भक्ति, आचार्यभक्ति, बहुश्रुत भक्ति, प्रवचन भक्ति, आवश्यक अपरिहाणि, मार्ग प्रभावना एवं प्रवचन वत्सलत्व “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रियदर्शा- महोराग जाती के व्यन्तारो का 10 वा भेद A type of peripatetic deities
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षड्दर्शन – Saddarshana. Six particular kinds of philosophies (Bauddha, Naiyayik, Sankhya, Jaina, Vaisheshik & Jaminiy). 6 दर्शन – बौद्ध, नैययिक, सांख्य, जैन, वैशेषिक तथा जैमिनीय “