घोड़ा!
घोड़ा Horse, an auspicious significant, Symbol of the 3rd Tirthankar (Jaina-Lord) Sambhavnath. एक मंगल , तीसरे तीर्थंकर भगवान संभवनाथ का चिह्न ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
घोड़ा Horse, an auspicious significant, Symbol of the 3rd Tirthankar (Jaina-Lord) Sambhavnath. एक मंगल , तीसरे तीर्थंकर भगवान संभवनाथ का चिह्न ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रशध- अश्टमी, चतुर्दषी आदि पर्व के दिन उपवास अथवा एक बार भेजन करना। Prosadha- Fasting or one time eating
दंड समुद्घात Expansion of spaces of soul in term of 14 Rajju. केवली के समुद्घात करने का प्रथम चरण, केवली भगवान की आयु कर्म की स्थिति वेदनीय , नाम, गोत्र के बराबर करने के लिए आत्मा के प्रदेश वातवलय को छोड़कर दण्डरूप से 14 राजू तक फैल जाते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बंध स्थान- बंध से जो स्थान निर्मित होता है बन्ध स्थान कहलाता है। Bandha Sthana- The place caused by binding of karmas
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशेष संग्रह नय – Vishesha Samgraha Naya. A word or phrase used for expressing a collec- tive form of something like herd of elephants etc. दृष्टांतों के द्वारा प्रत्येक जाति के समूह को नियम से एक वचन के द्वारा स्वीकार, करके कथन करने वाला नय ” जैसे – हाथियों का झुण्ड, घोड़ों…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रीतिंकर- कुरुवंष का एक राजा, ऊध्र्व ग्रैवेयक का विमान। Pritimkara- A king of kuru dynesti A heavenly abode of Urdhva graiveyak
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षड् रसी व्रत – Sadrasee Vrata. A particular & procedural vow (fasting) pertaining to renouncement of 6 kinds of particular delicacies. उत्कृष्ट 24 वर्ष, मध्यम 12 वर्ष व जघन्य 1 वर्ष में ज्येष्ठ कृ. 1 से ज्येष्ठ पूर्णिमा तक कृ. 1 को उपवास, 2-15 तक एकाशन, शु. 1 को उपवास, 2-15 तक एकाशन करना…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बंधनीय- बन्धयोग्य कर्म और नोकर्म स्कन्ध बन्धनीय कहलाते है। Bandhaniya- karmas causing for binding
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षट्गुण हानि वृद्धि – Satguna Haani Vriddhi. Finite or infinite increase & decrease in indivisible particles (of 6 kinds). अविभाग प्रतिच्छेदों में हानि वृद्धि का नाम ही षट्गुण हानि वृद्धि है ” ये 6-6 प्रकार की होती है ” (देखे- षड्गुण हानि वृद्धि) “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] ष – Sa. The 31st consonant of the Devanagari syllabary. देवनागरी वर्णमाला का इकतीसवाँ व्यंजन अक्षर, इसका उच्चारण स्थान मूर्धा है “