चिंताजननी!
चिंताजननी Name of a jewel ‘Kankini’ of Chakravarti (emperor) used for lightening. चक्रवर्ती के १४ रत्नों में ‘ कंकिणी’ अजीव रत्ना , इससे अन्द्कार दूर किया जाता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चिंताजननी Name of a jewel ‘Kankini’ of Chakravarti (emperor) used for lightening. चक्रवर्ती के १४ रत्नों में ‘ कंकिणी’ अजीव रत्ना , इससे अन्द्कार दूर किया जाता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सम्यक्तव भावना – Samyaktva Bhaavanaa. Seven particular right reflection or volitions. संवेग, प्रषम, स्थैर्य, असंमूढ़ता, अस्मय, आस्तिक्य और अनुकम्पा ये 7 सम्यक्तव की भावनाएॅ है।
दृष्टांत Illustration, Example, Instance. हेतु की सिद्धि में साधनमृत कोई दृष्ट पदार्थ जिसमें कि वादी व प्रतिवादी दोनों सम्मत हों।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चारित्र क्षायिक Conduct formed due to destruction of delusions. चारित्रमोहनीय के नाश से जो चारित्र प्राप्त हो । ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्पर्ष स्पर्ष विधान – Sparssana Sparssana Vidhaana. A type of Anuyogdwar (disquisition door).देखे- स्पर्ष अंतर विधान।
दुष्प्रमार्जित निक्षेप Placing something carelessly or wrongfully. अजीवाधिकरण के भेद निक्षेप का एक उपभेद दुष्टतावश असावधानी से वस्तु को रखना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चौर्य व्यसन To be habitual in theft. चोरी करने की बुरी आदत ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्पद्र्वक वर्ग शलाका – Sparddhaka Varga Salaakaa. . Number of karmic aggregates in a group.एक स्पर्धक मे जितनी वर्गणाएं हो उनकी संख्या।
दुषमा दुषमा काल A period of 21000 years, time of penury or period of decay (this period will occur after 18500 years). अवसर्पिणी काल का छठा 21000 वर्ष का काल । इस काल में धर्म , अग्नि और राजा इन तीनों का अभाव होने से केवल अधर्मरूप क्रियाएँ होती हैं, इसमें मनुष्य पशुवत् आचरण करता…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बीजा – Bija. A river of Arya Khand (region). आर्य खण्ड की एक नदी “