परमुख उदय!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमुख उदय:Annihilation of Karmic nature (in transformed form)।जो कर्म प्रकृति अन्य प्रकृति रूप होकर उदय में आती है। जैसे -नरकगति, देवगति, वैक्रियिक शरीर आदि कर्म प्रकृतियाॅं ।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमुख उदय:Annihilation of Karmic nature (in transformed form)।जो कर्म प्रकृति अन्य प्रकृति रूप होकर उदय में आती है। जैसे -नरकगति, देवगति, वैक्रियिक शरीर आदि कर्म प्रकृतियाॅं ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भवसेतु – Bhavasetu. Spiritual bridge to cross the worldly transmigra-tion. संसार को पार करने के लिए जो पुल के समान हैं , ऐसे जिनेन्द्र भगवान या उनकी भक्ति “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] साधर्म्य उदाहरण – Saadharmya Udaaharana. Smoke showing existence of fire, an example of means with its relative objects. जो जो धूमवाला है वह वह अग्नि वाला है जैसे -रसोईघर ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पूर्वाभाद्रपद – Purvabhadrapada. Name of a lunar. एक नक्षत्र का नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सातिशय मिथ्यादृष्टि – Saatisaya Mithyaadrsti. Wrong believers who are going to attain right belief. प्रथमोपशम सम्यक्तव के अभिमुख जीव सातिशय मिथ्यादृष्टि कहलाते है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भीमसेन – Bhimasena. Name of an Acharya, one of the 5 Pandvas. आचार्य अभयसेन के शिष्य जिनसेन के गुरु एक आचार्य, ५ पांडवों में एक पांडव ” इन्हें भीम कहते हैं, इनके शरीर में बहुत बल था “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुखनिर्विष ऋद्धि–Mukhanirvisha Riddhi. A type of super natural power of making poisionless. जिस ऋद्धि के प्रभाव से उग्र विष से मिला हुआ आहार भी जिनके मुख में जाकर निर्विष हो जाता है अथवा जिनके मुख से निकले हुए वचन के सुनने मात्र से महाविष व्याप्त भी कोई व्यक्ति निर्विष हो जाता है”
ऊर्ध्वग्रैवेयक An upper most spatial region. 16 स्वर्ग से ऊपर नौ ग्रैवेयक में सुमनस सौमनस प्रीतिंकर नाम के विमान।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पभोसा (तीर्थ):Name of a pace of pilgrimage which is the institution & Omniscience place of the 6th Tirthankar (Jaina Lorde) Padmaprabh situated near Kaushambi (U.P) उत्तर प्रदेश में कौशम्बी के निकट बसा एक तीर्थ । छठे तीर्थकर भगवान पदमप्रभ की दीक्षा एवं केवलज्ञान कल्याणक भूमि । पूज्य गणिनी श्री ज्ञानमती माताजी की प्रेरणा…