पन्नग!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पन्नग:A type of super knowledge, A type of deities of Nagkumar kind. एक प्रकार की विद्या, नागकुमार जाति के देव।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पन्नग:A type of super knowledge, A type of deities of Nagkumar kind. एक प्रकार की विद्या, नागकुमार जाति के देव।
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == वीतरागी : == कामानुगृद्धिप्रभवं खलु दु:खं, सर्वस्व लोकस्य सदेवकस्य। यत् कायिकं मानसिकं च किंचित् , तस्यान्तकं गच्छति वीतराग:।। —समणसुत्त : ७६ सब जीवों का, और तो क्या देवताओं का भी जो कुछ कायिक और मानसिक दु:ख है, वह काम—भोगों की सतत अभिलाषा से उत्पन्न होता है। वीतरागी उस…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] भेदपद:Different kinds of typical literary words with their antonyms. उत्कृष- अनुत्कृष, जघन्य-अजघन्य, सादि-अनादि, धु्व-अधु्व आदि समस्त भेद पद कहलातेहैं “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == मुक्ति-मार्ग : == सम्यग्दर्शनज्ञानचारित्राणि मोक्षमार्ग:। —तत्त्वार्थ सूत्र : १-१ सम्यग्दर्शन, सम्यग्ज्ञान और सम्यग्चारित्र—यही मोक्ष का मार्ग है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ब्रहत्कथाकोष – Brhatkathakosa. Name of a religions story written by Acharya Harishen. आचार्य हरिषेण (ई. सन् ९३१ ) कृत मूल संस्क्रत ग्रंथ इसमें १५७ विभिन्न कथाएं हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूत नैगमनय – Bhuta Naigama Naya. Implication of something in present time which happened in the past (like tody is birth anni-versary of Lord Mahavira’). अतीत कार्य में ‘आज हुआ है’ ऐसा वर्तमान का आरोप या उपचार करना ” अथवा भूतकाल की बात में वर्तमान की मान्यता की जाये, जैसे आज महावीर…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पद्ममाली: A Kind of Vidyadhara dynasty. विद्याधर वंश का एक राजा ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] व्यंजनावग्रह –Vyainjanavagraha. Knowing of ambiguous or indistinct matters. अवग्रह के दो भेदों में एक भेद; अस्पष्ट पदार्थ – शब्दादि को जानना, जिससे निश्चय ण हो सके क्या था”