प्रभंकर!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रभंकर- सौधर्म स्वर्ग का 27 वाँ पटल व इन्द्रक। prabhamkara – name of the 27th patal (layer) of indrak of saudharma heaven.
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रभंकर- सौधर्म स्वर्ग का 27 वाँ पटल व इन्द्रक। prabhamkara – name of the 27th patal (layer) of indrak of saudharma heaven.
तपऋद्धि A type of supernatural power for observing hard penance. कई-कई उपवास करना, खुले आकाशादि के नीचे या करना, घोर ब्रह्मचर्य आदि का पालन करने की शक्ति । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रदेश छेदना- छेदना का एक भेद। ऊध्र्व, अधः आदि प्रदेषें के द्वारा द्रव्यों का पृथक् होना। pradesa chedana – separation of matters
गुड़ Lump of raw sugar, an example for the fruition of meritorious Karmas. गन्ने के रस से बना एक मीठा पदार्थ, पुण्य कर्म प्रकृतियों के अनुभाग का एक उदाहरण ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संशय मिथ्यात्व – Sanshaya Mithyaatva. A doubtful state or confusion, a kind of wrong belief. 5 प्रकार के मिथ्यात्वों में एक मिथ्यात्व ” मिथ्यात्व कर्म के उदय से तत्त्वों के स्वरुप में यह है या नहीं ऐसा संदेह होना ” अथवा देव और धर्म के स्वरुप में यह ठीक है या नहीं ऐसा निर्णय…
तत्वार्थ Things ascertained as they are. वस्तु का यथार्थ स्वभाव, जो तत्व के द्वारा निश्चय किया जाये। अथवा तत्वरूप पदार्थ । जीव, पुद्गलकासय, धर्म, अधर्म, काल और आकाश, यह तत्वार्थ कहे गये है, जो कि विविध गुण पर्यायों से संयुक्त है। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रयुत- काल का एक प्रमाणक। 84 लाख प्रयुतांग प्रमाण काल। Prayuta- A time unit
टंकण द्वीप A country of Bharat kshetra (region). भारत क्षेत्र का एक देश । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमार्जन- पिच्छी आदि कोमल उपकरणें से षरीर-भूमि आदि को जीवों के रक्षार्थ मार्जन कर लेना या झाड़ लेना। Pramarjana- Careful act of purification
चक्राभिषेक क्रिया An auspicious and sacred act (reg. anointment of Chakri) after conquering the world . गर्भान्वय की एक क्रिया , दिग्विजि पूर्ण कर नगर में प्रवेश करते समय चाकरी का अभिषेक करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]