वर्गणा!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वर्गणा – Varganaa.: An aggregate of same molecules of some matter. वर्गों के समूह को वर्गाणा कहते हैं अथवा समान गुण वाके परमाणु पिंड को वर्गाणा कहते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वर्गणा – Varganaa.: An aggregate of same molecules of some matter. वर्गों के समूह को वर्गाणा कहते हैं अथवा समान गुण वाके परमाणु पिंड को वर्गाणा कहते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पार्श्वनाथ स्त्रोत – Parsvanatha Stotra. A philosophical hymn written by the poet Padmaprabh. कवि पद्मप्रभ (ई. श. १२ का मध्यपाद) द्वारा रचित एक स्तोत्र “
चक्रेश See – Cakravartî. चक्ररत्न के स्वामी , देखें- चक्रवर्ती ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वयोवृद्ध – Vyovraddha: Old persons,Aged or senior. उम्र में बड़े ; वृद्ध लोगों की संगति सेवा से अनुभव चारित्र आदि में वृद्धि होती है, मन निर्लेप होता है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भय संज्ञा – Bhaya Samjna. Fear instinct. ४ संज्ञाओं में एक संज्ञा; जिससे बचने की व छिपने की इच्छा होती हैं “
चंद्रग्रहण An eclipse of the moon. राहु का चन्द्रमा को आच्छादित करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनोरम- Manorama. A type of peripatetic deities , Another name of Sumeru mountain. किन्नर नामक व्यंतर जाति का एक भेद , सुमेरु पर्वत का अपर नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नो संसार – No Sansaara. State of supreme soul (omniscient) before getting salvation. चतुर्गति में परिभ्रमण न होने से तथा अभी मोक्ष की प्राप्ति न होने से सयोगकेवली की जीवन्मुक्त अवस्था ईषत्संसार यो नोसंसार है “
गुह्यक भगवान महावीर का शासन देव (अपरनाम-मातंग यक्ष), देवों की एक जाति; जो देव तीर्थंकरों के कल्यानाकों तथा विहार के समय रत्नवृष्टि औत पुष्पवृष्टि करते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विरवित –Viravit Name of the disciple of Sinhbal and spiritual teacher of Padmasen पुन्नाटसंघ की गुर्वावली के अनुसार सिंहबल के शिष्य तथा पश्नसेन के गुरु ” समय – ई. श. ७ अंतपाद “