चक्षुदर्शन!
चक्षुदर्शन Visionary conation, ocular perception. चक्षु इन्द्रिय के द्वारा पदार्थ का ज्ञान होने से पूर्व जियो सामान्य प्रतिभास होता है वह चक्षुदर्शन है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चक्षुदर्शन Visionary conation, ocular perception. चक्षु इन्द्रिय के द्वारा पदार्थ का ज्ञान होने से पूर्व जियो सामान्य प्रतिभास होता है वह चक्षुदर्शन है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
इत्वरिकागमन Visiting an immoral woman. ब्रह्मचर्य अणुव्रत का एक अतिचार विवाहित व्यभिचारिणी स्त्री के यहाँ आना जाना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आचार संपदा Assests like right belief, right knowledge & right conduct. सम्यग्दर्शन सम्यग्ज्ञान सम्यज्ञचारित्र रूप संपत्ति।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
इंद्रिय अवग्रह Sensory apprehension. इन्द्रिय के द्वारा पदार्थ का प्रार्थमिक ग्रहण होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
त्रैविद्यदेव Title for some Acharyas in Nandi sangh (group) etc. कतिपय आचार्यों की उपाधि जैसे नन्दि संघ के देशीयगण की गुर्वावली के अनुसार पाँच आचार्यों की उपाधि, कातंत्र रूपमाला व्याकरण के भावसेन – त्रैविद्य टीकाकार आदि। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रीपाल – Shreepaala. One who was got married with Mainasundari and was cured from leprosy by religious treatment, Name of king caused to Nemichandra Saidhantikdev to write Drivya Sangrah. चम्पापुर नगर के राजा अरिदमन का पुत्र ” मैना सुन्दरी से विवाहा गया ” कोढ़ी होने पर मैना सुन्दरी कृत सिद्धचक्र विधान के गंधोदक से…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संवाहन – Sanvaahana. Mountaineous dwelling place surrounded with forest. बहुत प्रकार के अरण्यों से युक्त महापर्वत के शिखर पर स्थित नगर “