निरतिशय!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निरतिशय – Niratishaya . Ordinary, without any wonder or transcendent. अतिशय रहित, साधारण “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निरतिशय – Niratishaya . Ordinary, without any wonder or transcendent. अतिशय रहित, साधारण “
दर्शन कथा A sacred legend . सति मनोवती नामक एक कन्या द्वारा गजमोती चढ़ाकर जितेन्द्र भगवान के दर्शन करने की एक प्राचीन रोमांचक कथा जिस पर गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ने ‘प्रतिज्ञा’ नामक धार्मिक उपन्यास लिखा है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोकमूढ़ता –Lokmoodhtaa.: False tradition or false ritualistic belief (superstition). लोक में धर्म के नाम से मणि हुई मूढ़ता या अन्धविश्वास “जैसे नदी या समुद्र में स्नान करना , पर्वत करना , बालू –पत्थरों का ढेर लगाना , अग्नि में जलना आदि को धर्म समझकर करना “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पांशुमूल – Paanshumoola. A city situated in the south of Vijayardh mountain. विजयार्ध की दक्षिण श्रेणी का एक नगर “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोकप्रतर – Lokapratar. A very large imaginary mathematical quantity. जगत श्रेणी के वर्ग को जगत्प्रतर कहते हैं अर्थात (7)^2=49 “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पारिणामिक परमाणु – Parinamika Paramanu. Resultant atoms with the property of absorbing other atoms. संख्यात, असंख्यात स्निग्ध या रुक्ष गुण के अंशो से युक्त अपने रूप में परिणमन कराने वाला परमाणु “
त्रसकाय Mobile beings (two sensed to five sensed beings). स्थावर जीवों को छोडकर दो इन्द्रियों से पंचेन्द्रिय तक के जीव । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोक अनुप्रेक्षा – Lok Anuprekshaa.: One of the 12 reflections (continuous contemplation for pain & pleasure ). 12 भावनाओं में से एक भावना ;लोक की स्तिथि,विस्तार ,जीवों के सुख –दुख आदि का बराबर चिंतन करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पायसागर (आचार्य) – Payasagara (Acarya). Name of a Digambar Jain Acharya, the disciple of Charitra Chakravarti Acharya Shri Shantisagar Maharaj. चरित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज के प्रमुख ७ मुनि शिष्यों में से एक प्रभावक आचार्य “