देवप्रभ!
देवप्रभ An Acharya who wrote ‘Pandav Purana’. पांडव पुराण (प्राकृत) के कर्ता एक आचार्य। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
देवप्रभ An Acharya who wrote ‘Pandav Purana’. पांडव पुराण (प्राकृत) के कर्ता एक आचार्य। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == सामायिक : == तस्स सामाइयं होइ, इइ केवलिभासियं।। —अनुयोगद्वार सूत्र : १२७ जिसकी आत्मा संयम में, नियम में एवं तप में सन्निहित (तल्लीन) है, उसकी सच्ची सामायिक होती है, ऐसी केवली भगवान् ने कहा है। जो समो सव्वभूएसु, तसेसु थावरेसु अ। तस्स सामाइयं होइ, इह केवलिभासिअं।। —अनुयोगद्वार सूत्र…
त्वष्टियोग Deeply engrossment into the supreme soul. ब्रह्मयोग। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == सदाचारी : == वायाए अकहंता सुजणे, चरिदेहि कहियगाा होंति। —भगवती आराधना : ३६६ श्रेष्ठ पुरुष अपने गुणों को वाणी से नहीं, किन्तु सच्चरित्र से ही प्रकट करते हैं।
त्रुअित A time unit. काल का एक प्रमाण, 64 लाख त्रुटितांग प्रमाण काल। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चतुर्दश नदी Fourteen rivers of Jambudvip (an island). जम्बूद्वीप की १४ महानदियाँ ; गंगा , सिंधु , रोहित , रोहितास्या , हरित , हरिकान्ता , सीता , सीतोदा , नारी , नरकाँटा , सुवर्णकूला , रूप्यकूला , रक्ता , रक्तोदा ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
एकान्तवाद One sided method, doctrine of absolutism. 363 एकांत मत, जो एक-एक दृश्टि को मानने वाले हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चतुरंक Infinite increase. असंख्यातभाग वृद्धि की चतुरंक संज्ञा है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकार – Prakara. Type, kind, Mode. भेद, भंग, भाग, पर्याय आदि “
त्रिलोकासार टीका A commentary book written by Acharya Madhava Chandra. आचार्य माधवचन्द्र त्रैविद्य कृत त्रिलोक ग्रंथ की टीका। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]