रोगपरिषहजय!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रोगपरिषहजय – 22 परिशहो में एक परिशह, असाध्य पीडा को उसके प्रतिकार की कामना रहित होकर साधु द्वारा समतापूर्वक सहन करना। रोग परिशह जय कहलाता हैं। Rogaparisaha Jaya-To bear afflictions of disease
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रोगपरिषहजय – 22 परिशहो में एक परिशह, असाध्य पीडा को उसके प्रतिकार की कामना रहित होकर साधु द्वारा समतापूर्वक सहन करना। रोग परिशह जय कहलाता हैं। Rogaparisaha Jaya-To bear afflictions of disease
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संश्लेष बंध – Sanshlesa Bandha. Something combined or synthesised. जो परस्पर संश्लेष को प्राप्त हुए काष्ठ और लाख का बंध होता है वह संश्लेष बंध है “
त्रि मकार Wine, meat, honey (the three inedible things). मदिरा, मास, मधु। तीन न खाने योग्य पदार्थ जिनका प्रारंभ ‘म’ शब्द से है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्मशान-निलय – Shmashaana-Nilaya. A type of vidyadhars of Matanga jati (a descendant). मातंग जाति विद्याधरों के 7 उत्तर भेदों में दूसरा भेद; ये धूलि धूसरित तथा श्मशान की हड्डियों से निर्मित आभूषणों से युक्त होते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूप्यवर – मध्यलोक के अन्तिम 16 द्वीपों में दषवां द्वीप व समुद्र। Rupyavara-name of an island & an ocean of middle universe
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संपराय – Sanparaaya. Passionful influx. संपराय कषाय व संसार को कहते है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रविष्ट – वंदना का एक अतिचार। अर्हतादि परमेशिठयों के अत्यंत निकट होकर वंदना करना। Pravista- An infraction of paying reverence, to be very near to the idol of lord Arihant , Acharyas etc
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विसदृश –Visadrsa. Dissimilar, Recognition with dis-similarity (reg. any different matters). समानता का अभाव ” प्रत्यभिज्ञान का एक भेद; स्मृति और प्रत्यक्ष के विषयभूत पदार्थों में विसदृशता दिखाते हुये जोड़रूप ज्ञान को विसदृश प्रत्यभिज्ञान कहते हैं ” जैसे – गाय को लेकर भैंसा में रहने वाली विसदृशता दिखाना “
गिरि A mountain, Name of the kings of Yadu & Hari dynasties. पर्वत, यदु (यादव) वंश एवं हरिवंश के राजाओं का नाम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]