सुमतिकीर्ति!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुमतिकीर्ति – Sumatikeerti. Name of a Bhattarak of Nandi group. नंदिसंघ बलात्कार गण ईडर गद्दी के एक भट्टारक । कृतियां पंचसंग्रह की संस्कृत वृत्ति , ज्ञानभूषण के साथ मिलकर ’क्रम प्रकृृति’ की टीका लिखी ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुमतिकीर्ति – Sumatikeerti. Name of a Bhattarak of Nandi group. नंदिसंघ बलात्कार गण ईडर गद्दी के एक भट्टारक । कृतियां पंचसंग्रह की संस्कृत वृत्ति , ज्ञानभूषण के साथ मिलकर ’क्रम प्रकृृति’ की टीका लिखी ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पारामार्थिक प्रत्यक्ष – Paramarthika Pratyaksha. Direct & supreme perception, transcendental knowledge. जो ज्ञान बिना किसी की सहायता से पदार्थ को स्पष्ट जानता है. सकल ज्ञान अर्थात् केवलज्ञान एवं विकलज्ञान अर्थात् अवधिज्ञान व मनःपर्यय ज्ञान पारमार्थिक प्रत्यक्ष हैं “
तिर्यंच जलोक Middle universe. मध्यलोक यह असंख्यात वलयाकार द्वीपों और समुन्द्रों से शोभायमान है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुकक्ष – Sukaksha. Name of the 31st city in the sourth of Vijayardh mountain. विजयार्ध की दक्षिण श्रेणी का 31 वां नगर ।
तिलपुच्छ Name of a planet (22nd out of 88). 88 ग्रहों में 22 वां ग्रह । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पानी छानना- Pani Chanana. Filtration of water with cloth. जलगालन . जैन विधि के अनुसार, जब कपड़े का मोटा छत्रा दोहरा करके उससे पानी छाना जाता है, तब वह जीवरहित शुद्ध जल होता है तथा छत्रे की जीवनी करने की भी विशेष विधि होती है”
तिर्यक् Oblique or Tilt, Subhuman beings. तिरछा , टेढा , आडा, तिर्यंच गति के जीव। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य उपधि – Bahya Upadhi. Alien – belonging (material articles). बाह्य परिग्रह,आत्मा से एकत्व को नहीं प्राप्त हुए ऐसे क्षेत्र, वास्तु, धन आदि बाह्य उपधि हैं “
तिर्यंचगति One of the 4 body forms or destinities (Gatis) i.e. Gati of animals, the beings other than human, celestial & infernal beings. 4 गतियों में एक गति, मनुष्य, देव और नारकी जीवों करो छोड़कर शेष एकेन्द्रिय से लेकर पंचेन्द्रिय जीवों की गति , जो मायाचारी, आर्त्तध्यान आदि से प्राप्त होती है।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]