दर्शन मोह क्षपक!
दर्शन मोह क्षपक Destroyer of right faith deluding Karmas. दर्शन मोहनीय कर्म को नष्ट करने वाला क्षायिक स्म्यग्दृष्टि। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दर्शन मोह क्षपक Destroyer of right faith deluding Karmas. दर्शन मोहनीय कर्म को नष्ट करने वाला क्षायिक स्म्यग्दृष्टि। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
उक्षध्वज Flags of Samavasharana (assembly of Lord Arihant). वृषभाकृतियों से चिन्हित।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शरीर सल्लेखना – Shareera Sallekhanaa. Holly destruction of the body by reducing food taking etc. (an austerity). बाह्य सल्लेखना या कायक्लेश रूप अनुष्ठान करना अर्थात् भोजन आदि त्याग करके शरीर को कृश करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पर समय:False belief of involvement in materialism (i.e. other than soul).जीव का परद्रव्यरत रहना, आत्मा को छोडकर पर द्रव्य को निज रूप मानना । जैन धर्म से बहिर्भूत सभी शास्त्र आदि परसमय कहलाते है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शय्या परिषह – Shayyaa Parishaha. A kind of affliction relted to sleeping with hardness. 22 परिषहों में एक परिषह; ध्यान अध्ययन अथवा मार्ग के श्रम से थककर साधू द्वारा कठोर भूमि पर एक करवट बिना कुछ ओढ़े अल्प निद्रा लेना और बाधा को समतापूर्वक सहन करना “
उपशमचारित्र Subsidence character (conduct related to upasham). समस्त मोहनीय कर्म के उपसम से 11 वें गुणस्थान में औपशमिक चारित्र होता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पर रूप:Alien nature.अपने स्वभाव को छोडकर विभाव रूप परिणमन होना ।
उपशम सत्त्वकाल Subsidence – state period . अन्तर्मुहूर्त काल उपशम सत्त्वकाल है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपमाकाल A division of time unit . व्यवहार पल्य उद्धार पल्य अद्धा पल्य उपमाकाल है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]