शरीर नामकर्म!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शरीर नामकर्म – Shareera Naamkarma. Physique making Karmic nature causing formation of complete body. जिसके उदय से औदारिक आदि शरीर की रचना हो “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शरीर नामकर्म – Shareera Naamkarma. Physique making Karmic nature causing formation of complete body. जिसके उदय से औदारिक आदि शरीर की रचना हो “
धर्मसंग्रह A book written by a poet Medhavi. 10 अधिकारों में बंद्ध कवि मेधावी (वि. 1541) की एक रचना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धर्ममंत्र Auspicious mystic words. गर्भाधान आदि क्रियाओं में व्यवह्रत पीठिका और जाति मंत्र। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
आनर्थक्य Unnecessary, Unnecessary possession of things. अनावश्यक भोग-उपभोग के लिए आवश्यकता से अधिक वस्तु रखना (भोगोपभोग परिमाण व्रत का एक अतिचार)।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
धर्मचक्री Lord Jinendra having Dharmachakra ahead. जिनेन्द्र देव ; इनके आगे धर्मचक्र चलता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धरणेंद्र Name of the governing demigod of Lord Parshvanath. भगवान पाश्रर्वनाथ का शासन यक्ष, जिसने तपस्या करते समय उनका उपसर्ग निवारण किया था।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धनाधीस Kuber, the semi-god of wealth. कुबेर; इन्द्र की आज्ञा से जो तीर्थंकरों के कार्य के 6 माह पूर्व से रत्नवृष्टि एवं समवशरण की रचना करता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सामान्य नय – Saamaanya Naya. General standpoint or attitude. सामान्य विचारधारा, नय के 42 भेदों में एक भेद । आत्मद्रव्य सामान्य नय से हार-माला-कण्ठी के डोरी की भांति व्यापक है।
एक-अजीव कर्म Karmas related to non soul matters. द्रव्य कर्म- कार्मण स्कंधों की अवस्था अजीव कर्म है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भारद्वाज – Bharadvja. Past – birth name of Lord Mahavira, A country of Bharat Kshetra north Arya Khand (region). तीर्थकर महावीर के पूर्वभव का जीव, भरत क्षेत्र उत्तर आर्य खण्ड का एक देश “