भुजंगदेव!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भुजंगदेव – Bhujangadeva. A type of peripatetic deities living at some up – per distance from the earth. महोरग जाति के व्यंतरों का एक भेद, लवण समुद्र के ऊपर आकाश में स्थित भुजंग नामक देवों की २८ हजार नगरियाँ हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भुजंगदेव – Bhujangadeva. A type of peripatetic deities living at some up – per distance from the earth. महोरग जाति के व्यंतरों का एक भेद, लवण समुद्र के ऊपर आकाश में स्थित भुजंग नामक देवों की २८ हजार नगरियाँ हैं “
दक्षिण कल्प Southern part of Patals (levels) of all 16 heavens. 16 स्वर्गोंे के पटलों का दक्षिणी भाग। जहाँ दक्षिण दिशा के इन्द्रों का निवास होता है। जैसे – सौधर्म इन्द्र, सानत्कुमार इन्द्र आदि। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्विकल्पता – Nirvikalpataa. State of unconfusedness, without perplexity. विकल्पों से रहित रहना “
द्वीपायन A king of Kuru dynasty, by whose passionate anger Dwarika was burnt when he was in Muni stage. कुरूवंश के एक राजा , जो आगे चलकर एक मुनि हुए जिनके क्रोध से द्वारिका भस्म हुई। इनका अपरनाम – द्वैपायन मुनि भी है। विशेष कथा हरिवंशपुराण एंव पाण्डवपुराण में देखें ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
आलय विज्ञान Architecture (as a science), House construction concept. वास्तु विज्ञान आवास निवास विज्ञान।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वाण संवत् – Nirvaana Samvat. The era of salvation of Lord. भगवन के निर्वाण का समय-कल अर्थात् वर्ष ” वर्तमान में भगवन महावीर के निर्वाण के समय से प्रारंभ ‘वीर निर्वाण संवत्’ सर्वाधिक प्राचीन संवत्के रूप में प्रचलित है ” वर्तमान सन् 2003-2004 में वी.नि.सं. 2530 चल रहा है “
आरातीय Acharyas (Jaina – saints) of present tradition. वर्तमान परम्परा के आचार्य।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वज्ञशांवला – Nirvagyanshaamvalaa. A spiritual knowledge or study regarding Vidyadhars. एक विद्याधर विद्या “
उदय त्रिभंगी Rising tricombination (reg. Karmas). उदय व्युंच्छित्ति उदय और अनुदय को उदय त्रिभंगी कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]