द्रव्य निर्विचिकित्सा!
द्रव्य निर्विचिकित्सा Not to hate the dirty-bodied Jain saints. दिगम्बर जैन साधुओं के मलिन शरीर को देखकर ग्लानि न करना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्रव्य निर्विचिकित्सा Not to hate the dirty-bodied Jain saints. दिगम्बर जैन साधुओं के मलिन शरीर को देखकर ग्लानि न करना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रुतस्कंध पूजा – Shrutaskandha Poojaa. Name of a worshipping hymn written by Gangadas. गंगादास (ई. 1690-1693) कृत पूजा “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सकलभूषण – Sakalabhooshana. Name of a Bhattarak of Nandi group, the disciple of Subhchandra. नंदिसंघ बलात्कारगण शुभचन्द्र के शिष्य एक भट्टारक (वि. 1613-1630) उपदेश रत्नमाला कृति के लेखक “
द्रव्य कर्म Gyanavaran etc. 8 Karmas are called Dravya Karma. ज्ञानावरण आदि आठों कर्मों को द्रव्य कर्म कहते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रुतकीर्ति – Shrutakeerti. Name of a two different saints of Nandi group. नंदिसंघ बलात्कार गण त्रिभुवन कीर्ति के शिष्य जिन्होंने अनेक ग्रंथो की रचना की ” नंदिसंघ देशीयगण, माघनंदि कोल्हापुरीय के शिष्य एक महावादी ” कृति-काव्य राघव पाण्डवीय (समय- ई. 1133-1163) “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सदासुखदास – Sadaasukhadaasa. Name of a writer (a Pandit), who has written commentary of many great Jaina books. जयपुर निवासी एक पंडित ” भगवती आराधना की भाषा वचनिका, समयसार नाटक टीका, तत्त्वार्थ सूत्र की लघु टीका, रत्नकरण्ड श्रावकाचार की टीका, अकलंक स्तोत्र, मृत्यु महोत्सव संस्कृत टीका आदि के कर्ता ” समय- 1795-1866 “
द्रविड़ाचार्य Name of an Acharya promotor of Vedant literature. वेदांत साहित्य के प्रवर्तक एक आचार्य।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
आत्मरक्षित Self-protected, A type of special heavenly deities (Laukantik Dev). स्वयं के द्वारा रक्षित, लौकान्तिक देवों का एक भेद जिनकी संख्या 27027 है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दोष- दषर्शन Viewing defects of one. अवगुणों और गलतियों को देखना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]