सेना :!
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == सेना : == कार्यकृद् गृह्यको जन:। —त्रिषष्टिशलाका : १-१-९०८ जो कार्य (सेवा) करता है, लोग उसे पूजते ही हैं।
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == सेना : == कार्यकृद् गृह्यको जन:। —त्रिषष्टिशलाका : १-१-९०८ जो कार्य (सेवा) करता है, लोग उसे पूजते ही हैं।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वतोभद्र विधान – Sarvatobhadra Vidhaana. A composition of worshipping hymn composed by Ganini Gyanmati Mataji. जैन आगम में वर्णित पाॅंच प्रकार की पूजाओं में से एक; यह सर्वतोभद्र विधान पूज्य गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी द्वारा सन् 1987 में लिखित सबसे बडा विधान है। इसमें 101 पूजाएॅं है, इसको लिखने में 40 छन्दों का प्रयोग…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बालाग्र – Balagra. A area unit. क्षेत्र का प्रमाण विशेष ” अपरनाम केशाग्र “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वजय – Sarvajaya. Name of the son of Vidyadhar Vinami. विद्याधर विनमि का पुत्र।
गुणार्थिक नय Standpoint of accepting attributes of matter. द्रव्य सामान्य को ग्रहण कर।[[श्रेणी:शब्दकोष]]ने वाला नय
[[श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[श्रेणी:शब्दकोष ]] == जैन—दर्शन : == ण वि अत्थि अण्णवादो, ण वि तव्वाओ जिणोवएसम्मि। —सन्मति तर्क् प्रकरण : ३-२६ जैन दर्शन में न एकान्त भेदवाद मान्य है और न एकान्त अभेदवाद। अत: जैन दर्शन भेदाभेदवादी दर्शन है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सरस्वती – Sarasvatee. Goddess of learning, Resonant preaching of Tirthankars (Jaina-Lords), mother’s name of the 11th Jaina-Lord of Videh (region), the female beloved divinity of an Indra in peripatetic deities of Gandharva type. विद्या की देवी, द्वादशांग जिनवाणी के प्रतीक रुप मे देवी के आकार की सरस्वती की मूर्ति जैन आगम मे मान्य है।…