पादोपगमन!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पादोपगमन – Padopagamana. A type of holy & voluntary death, by leaving own group of saints himself. सल्लेखना का एक प्रकार अपने पाँव के द्वारा संघ से निकलकर और योग्य प्रदेश में जाकर मरण किया जाना (अपरनाम-प्रायोपगमन).
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पादोपगमन – Padopagamana. A type of holy & voluntary death, by leaving own group of saints himself. सल्लेखना का एक प्रकार अपने पाँव के द्वारा संघ से निकलकर और योग्य प्रदेश में जाकर मरण किया जाना (अपरनाम-प्रायोपगमन).
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भिन्नपुर्वित्व ऋध्दी – Bhinnapurvitva Rddhi. A type of super natural power. एक प्रकार की ऋद्धि ” बुद्धि ऋद्धि के दशपुर्वित्व के दो भेदों में एक भेद “
ईषत्संसार World of non-salvated beings but free from birth-death cycle. अर्हंतावस्था या संयोगकेवली की पुनः जन्म न होने से जीवन मुक्त अवस्था एंव अभी मोक्ष न होने से ईषत्संसासर है। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परस्पराश्रय हेत्वाभास:Mutually dependent hypothetic fallacy.एक प्रकार का हेत्वाभास (मिथ्या हेतु) जो हेतु दूसरे हेतु पर आश्रित हो ।
णमोंकार धाम Name of a newly built place of pilgrimage situated at Sanavad (M.P.) and constructed on the inspiration of Ganini Shri Gyanmati Mataji. इंदौर (मण्प्रण्) के निकट सनावद में सन् 1996 में गणिनी आर्यिका श्री ज्ञानमती माताजी की प्रेरणा से एंव क्षुल्लक श्री मोती सागर जी की भावनानुसार उनके ससंघ सानिघ्य में इस तीर्थ…
गणधरवलय विधान Name of a worshipping composition composed by Ganini Shri Gyanmati Mataji. ‘णमो जीनाणं’ आदि गणधरवलय मन्त्रों पर आधारित पूज्य गणिनी श्री ज्ञानमती माताजी द्वारा लिखित एक पूजन विधान ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
त्रिपंचाशत Fifty three,a number (53 auspicious activities of householders). त्रेपन, 53 (गर्भान्वय की 53 क्रियाएँ आदि)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
उद्वर्तन Rising up (from lower living state). नरकगति व भवनत्रिकदेवगति से निकलना एंव उद्धार होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शरीर निर्माण क्रम – Shareera Nirmaana Krama. Sequential development of complete body formation. माता के गर्भ में जीव के अंग-उपांग के सम्पूर्ण विकास का क्रम, यह प्रायः 9 माह में पूर्ण होता है “
थावर प्रतिमा Stable image of any thing. व्यवहार से चंदन, कनक, महामणि, स्फटिक आदि से बनी प्रतिमा थावर कहलाती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]