शरीर नामकर्म!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शरीर नामकर्म – Shareera Naamkarma. Physique making Karmic nature causing formation of complete body. जिसके उदय से औदारिक आदि शरीर की रचना हो “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शरीर नामकर्म – Shareera Naamkarma. Physique making Karmic nature causing formation of complete body. जिसके उदय से औदारिक आदि शरीर की रचना हो “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पद्मप्रभ मलधारी देव: Disciple ofamsar and wirter of Parshvanath stotra, etc. वीरनन्दि के शिष्य (ई0 श0 1140-1185), नियमसार टीका व पाश्र्रनाथ स्तोत्र के रचयिता । उनकी नियमसार टीका का हिन्दी अनुवाद गणिनी श्री ज्ञानमती माताजी ने किया है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावागार – Bhavagara. Psychical attachment of something. चारित्र मोहनीय का उदय होने पर जो परिणाम घर से निवृत नहीं है वह भावागार कहा जाता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पद्मगंधा: Name of the chief female divinity of soudharma etc. indras सौधर्मादि इंद्रों की एक महत्तर देवी का नाम ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेदना –Vedana Experiencing pain or trouble. दुख अथवा कष्ट की अनुभूति या अनुभव का नाम वेदना है “
आनर्थक्य Unnecessary, Unnecessary possession of things. अनावश्यक भोग-उपभोग के लिए आवश्यकता से अधिक वस्तु रखना (भोगोपभोग परिमाण व्रत का एक अतिचार)।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वृत्त विष्कंभ –VrttaViskambha Diameter, width of a ring. वृत्त का व्यास “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पदगतभंग : Differentiation of different feelings on different aspects according toer knowledge. Perception etc. क्षायोपशमिक आदि 5 भावों के ही भिन्न भिन्न ज्ञान दर्शनादि भाव केा ग्रहण कर भग करना ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैस्रसिक परिणाम –Vaisrasika Parinama. Natural changes. स्वाभविक परिवर्तन, जिसमें पुरुष प्रयत्न की आवश्यकता नहीं होती “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पण्य भवन :Palace of Somdev situated in the east of Nandon etc. forests of Sumeru (mountain). सुमेरू पर्वत के नन्दनादि वनों के पूर्व में स्थित सोमदेव का भवन।