दर्शनवाद!
दर्शनवाद Name of a philosophy (related to wrong perception). एक एकान्त मत।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दर्शनवाद Name of a philosophy (related to wrong perception). एक एकान्त मत।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
जगच्चन्द्र सूरि Name of a Shvetambar Jain Acharya. तेरहवीं शताब्दी के एक श्र्चेताम्बर आचार्य ; दिलवाड़ा मंदिर के निर्माता ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नकीर्ति – क्षेमकीर्ति ं(इ्र, 998) के षिश्य एवं आराघनासार की संस्कृत टीका भद्रबाहु चरित्र आदि के कत्र्ता Ratnakirti-Name of the disciple of Kshemkirti
जघन्य पद A type of disquisition door ‘Anuyogadvar’ (reg. lowest). २४ अनुयोगद्वारों में एक ब्घेद ; जघन्य विभक्ति ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
ड The thirteenth consonant of the Devanagari syllabary. देवनागरी लिपि का तेरहवाँ व्यजन अक्षर, इसका उच्चारण सथान मूर्घा है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सचित्त – Sachitta. Animate beings, conscious one. जीव सहित पदार्थों को सचित्त कहते हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीतराग कथा –Vitaraga Katha. Impartial wise discussion, a witty dialogue or discussion between learned persons. गुरु और शिष्य के बीच या रागद्वेष से विमुख विद्वानों के बीच तत्त्व निर्णय के लिए जो चर्चा चलती है उसे वीतराग कथा कहते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सवस्त्र लिंग – & Savastra Limnga. The female Jian ascetic. अपवाद लिंग अथवा स्त्री (आर्यिका) का लिंग ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रोहित नदी – 14 महानदीयो में तीसरी नदी ये महाहिसवात के पर्वत के सरोवर से निकल कर हैमवत क्षेत्र में बहकर पूर्व समुद्र मे गयी है। Rohita nadi-Name of a great river (one of the 14)