प्रमेयत्व!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमेयत्व- प्रमेय के भाव को प्रमेयत्व कहते है। Prameyatva- Something related to the knowledge of subject matter
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमेयत्व- प्रमेय के भाव को प्रमेयत्व कहते है। Prameyatva- Something related to the knowledge of subject matter
दर्शनवाद Name of a philosophy (related to wrong perception). एक एकान्त मत।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
एकप्रदेशत्व See – Ekapadårthasthitva. देखें- एंकपदार्थस्थित्व।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नकीर्ति – क्षेमकीर्ति ं(इ्र, 998) के षिश्य एवं आराघनासार की संस्कृत टीका भद्रबाहु चरित्र आदि के कत्र्ता Ratnakirti-Name of the disciple of Kshemkirti
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमाणसंग्रहालंकार- प्रमाण संग्रह टीका विशयक एक ग्रंथ। Pramanasangrahalankara- Name of a Commentary book
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सचित्त – Sachitta. Animate beings, conscious one. जीव सहित पदार्थों को सचित्त कहते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमाण (द्रव्य, क्षेत्र, काल)- द्रव्य क्षेत्र काल की मर्यादा। Pramana (Dravya, Ksetra, kala)- Measure related to matter, region & time
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रोहित नदी – 14 महानदीयो में तीसरी नदी ये महाहिसवात के पर्वत के सरोवर से निकल कर हैमवत क्षेत्र में बहकर पूर्व समुद्र मे गयी है। Rohita nadi-Name of a great river (one of the 14)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रभु- धाति कर्मो के क्षय से जिसने केवज्ञान के द्वारा परमार्थ को जान लिया है, सकल तŸवों का जिसने उपदेष दिया है वह प्रभ्ज्ञु होता है अर्थात अरिहंत भगवान। Prabhu- Almighty God