पुरुषवेद सिध्द!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुरुषवेद सिध्द – Purusaveda Siddha. Beings who get salvation through the form of Purushved. पुरुषवेद (द्रव्य एवं भाव) से सिध्द होने वाले जीव “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुरुषवेद सिध्द – Purusaveda Siddha. Beings who get salvation through the form of Purushved. पुरुषवेद (द्रव्य एवं भाव) से सिध्द होने वाले जीव “
तेईस वर्गणा 23 variforms or aggregates of karmic molecules. अणु वर्गणा, संख्याताणुवर्गणा, असंख्याताणुवर्गणा आदि 23 प्रकार की बर्गणाएं होती हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुरालिपि – Puralipi. Palaeography, ancient writing. पुरानी लिपि जैसे- ब्राह्मी लिपि आदि “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मेरुपंक्ति व्रत–Merupankti Vrat. A particular type of fasting. 5 मेरु संभंधी 80 चैत्यालयो के व्रत इसमें 80 उपवास और 20 वन संभंधी 20 बेला किए जाते है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रज्वलित – Prajvalita. Blazing fire, The 6th Patel (layer) of the 3rd hell. प्रकृष्ट रूप से जलती हुई अग्नि, तीसरे नरक का छटा पटल “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बीजरुह – Bija Ruha. Vegetation produced by seeds (like rice ,wheat etc.). वनस्पति; जो बीज से ही उत्पन्न होती है ” जैसे – चावल, गेहूं आदि “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विस्मय –Vismaya. Sentiments of astonishment, Amazement. आश्चर्य या अचम्भे की भावना; १८ दोषों में से कि अरिहंत भगवान के नहीं होता “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मिथ्या श्रुतज्ञान–Mithya shrutagyan. False scriptural knowledge. मिथ्यादर्शन के उदय के साथ श्रुतज्ञान मिथ्या श्रुतज्ञान कहलाता है”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] माणिक्यनंदि – Manikyanamdi. Name of the disciple of Ratnanandi and pre-cepter of Magehchandra, and the disciple of Acharya Ramnandi. नंदिसंघ बलात्कारगण में रत्ननन्दी के शिष्य तथा मेघचंद्र के गुरु (ई. सं. ६६३-६७९), आचार्य रामनंदी के शिष्य परीक्षामुख सूत्र के कर्ता आचार्य (ई. स. १००३-१०२८) “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विनयशुध्दि – Vinayashuddhi. Reverential purity. कीर्ति, आदर आदि लौकिक फलों की इच्छा छोडकर साधर्मी जन, गुरुजन, इत्यादिकोण का विनय करना विनय शुद्धि है “