जटासिंहनन्दि!
जटासिंहनन्दि Name of an Acharya, the writer of ‘Varanga Charitra’ वरांग चारित्र के रचयिता एक आचार्य ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जटासिंहनन्दि Name of an Acharya, the writer of ‘Varanga Charitra’ वरांग चारित्र के रचयिता एक आचार्य ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्याच्छुद्व – Syaacchuddha. Exposition of soul in the aspect of consiousness. केवलज्ञान अर्थात् स्वभाव प्राप्ति की अपेक्षा जीव का कथन।
चमत्कार Amazement, Astonishment, Splendour, Supernatural events. विस्मय , आश्र्चय, उत्कर्ष , लोकमूढ़ता; लौकिक चमत्कारों के प्रति आकर्षित होना सम्यग्दर्शन का एक दोष है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जघन्य वर्ग Minimum group or class of particles etc. जघन्य अनुभाग युक्त परमाणु को जघन्य वर्ग कहते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहचर – Sahachara. Going or associating with, Associate, companion. एक हेतु; जो साध्य के साथ रहता है।
चन्द्रद्वीप Name of a Drah (large pond or lake). लवणसागर में स्तित एक द्वीप ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जगत् Universe, Temporal world. लोक . ३४३ घ राजू को लोक कहते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गृह त्याग क्रिया Name of a dominion (Varsha Ritu Nivas) of Chakravarti (emperor). गर्भान्वय की ५३ एवं दीक्शान्वय की ४८ क्रिय्ताओं में एकः वैराग्यवान गृहस्थ द्वारा ज्येस्थ पुत्र को सर्व संपत्ति व कुटुंबपोषण का भार सौंपकरकर गृहत्याग कर दीक्षा लेना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जघन्य आराधना A type of adoration. तेजोलेश्या के धारक क्षपक की भक्तप्रत्याख्यान आराधना।।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तडिद Lightening, reason for the worldly detachment of Lord Chandraprabha & Mallinath. बिजली चमकाना, चन्द्रप्रभु भगवान एंव मल्लिनाथ भगवान का वैराग्य कारण । [[श्रेणी:शब्दकोष]]