मनोद्रव्यवर्गणा!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनोद्रव्यवर्गणा – Manodravyavarganaa. A type of aggregate of Karmic molecules related to forming mental faculty. 23 वर्गणाओं में एक वर्गणा ;एक जाति के पुद्गल के सूक्षम स्कंध जिनसे द्रव्य मन बनता है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनोद्रव्यवर्गणा – Manodravyavarganaa. A type of aggregate of Karmic molecules related to forming mental faculty. 23 वर्गणाओं में एक वर्गणा ;एक जाति के पुद्गल के सूक्षम स्कंध जिनसे द्रव्य मन बनता है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हर्ष – Harsa. Happiness, pleasure, name of the predestined 3rd Rudra (saint trainted from the real path). प्रसन्नता, भावीकालीन तीसरा रुद्र।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हरिदवे (कवि) – Harideva (Kavi). Name of an Apabhransh poet, the writer of ‘Mayanparajaya Cariu’. चंगदेव की सप्तम पीढ़ी मे उत्पन्न, मयणपराजय चरिउ के रचयिता एक सद्गृहस्थ अपभं्रष कवि।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हरि क्षेत्र – Hari Ksetra. Name of the third region of Jambudvip (island) among all 7. जम्बूद्वीप के 7 क्षेत्रो मे तीसरा क्षेत्र, यहाॅ मध्यम भोगभूमि है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लघुशंका – मूत्रोत्सर्ग, लघु व दीर्घ षंका जाने के बाद प्रायष्चित के रूप 25 उच्छ्वास का कायोत्सर्ग किया जाता है। Laghusamka-Urination
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परपक्ष दूषक:Blaming the opponent end.विरीत पक्ष की अवमानना करने वाला हेतु स्वपक्ष का साधक और परपक्ष का दूषक होना चाहिए ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रइधू – पउम चरिउ, जसहर चरिउ, धण्णकुमार चरिउ, दष लक्षण धर्म, दस स्तुतियां आदि के रचियता एक अपभ्रंष कवि। समय – वि 1457 – 1536, दस लक्षण धर्म दस स्तुतियां। Raidhu-Name of an Apabhransh Jainapoet
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वास्थ्य – Svaasthya. A sound state of body, health. आरोग्य, मानसिक शांित। सांम्य, समाधि, योग, चित्तनिरोध, शुद्वोपयोग, स्वास्थ्य ये सब एकार्थवाची है।