प्रदेशीपना!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रदेशीपना- प्रदेषमय होना। pradesipana – characteristics of occupancy.
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रदेशीपना- प्रदेषमय होना। pradesipana – characteristics of occupancy.
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पदानुसारी ऋद्वि : A type of supernatural power (related to Predestination of knowledge) एक ऋद्वि इससे आगम का एक पद सुनकर पूर्ण आगम का बोध हो जाता है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैस्रसिक शब्द – VAisrasika Sabda. Natural sounds (reg. thundering etc.). अभाषात्मक के दो भेदों में एक भेद, मेघ आदि के निमित्त से जो शब्द उत्पन्न होते हैं वे वैस्रसिक शब्द हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रवचन भक्ति- प्रवचन में कहे हुए अर्भ का अनुश्ठान करना। 16 कारण भावनाओं में एक भावना; द्वादषांग में अनुराग रखना। Pravacana bhakti- Scriptural devotion
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यथाख्यात चारित्र–Yathakhyata Charitra. Perfect Conduct. वीतराग भाव, कषायोकेसवर्था अभाव से प्रादुर्भूत आत्मा की शुधि विशेष को यथाख्यात चारित्र कहते है” यह 11वे, 12वे, गुणस्थान में होता है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रयोगगति- एक प्रकार की गति; पुरुश के प्रयोग से होने वाली बाण, चक्र आदि की गति। Prayogagati- Speed of arrow, wheel etc.
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पणय: Fungus, Mould. काई या कांजी आदि के ऊपर लगी हुई फफुदी पणय है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैस्रसिकी क्रिया –Vaisrasiki Kriya. Natural activities or changes i.e. cloud thundering etc. मेघ आदि की स्वाभविक क्रिया वैस्रसिकी क्रिया हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रथम सम्यत्तव – प्रथमोपषम सम्यत्तव । prathama samyaktva – first subsidential righteousness i.e origination of the right beleif for the first time.