द्रव्यशुद्धि!
द्रव्यशुद्धि To make the body pure with water etc. means. जल आदि से शरीर की शुद्धि करना, ज्वरकुक्षिरोग, शिरोरोग, कुत्सित स्वप्न, रूधिर, विष्ठा, मूत्र, लेप, अतिसार आदि का शरीर में न रहना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्रव्यशुद्धि To make the body pure with water etc. means. जल आदि से शरीर की शुद्धि करना, ज्वरकुक्षिरोग, शिरोरोग, कुत्सित स्वप्न, रूधिर, विष्ठा, मूत्र, लेप, अतिसार आदि का शरीर में न रहना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चर ज्योतिष्क लोक Universe (reg. astral), space for wandering astral deities. मनुष्य लोक . ढाई द्वीप के ज्योतिष्का देव मेरु से ११२१ ईओओजन दूर रहकर उसके चारों ओर घूमते रहते हैं . इसके बाहर वे ज्योतिष्का देव गमन नहीं करते ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मधुक्रीड – Madhukrida. Name of the 5th pratinarayan. 5 वें प्रतिनारायण का नाम( अपरनाम – निशुम्भ ) “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुखमाण्ड–Mukhmaand. Rein used to ontrol the horses. घोड़ो की लगाम, इसेघोड़ो के मुख में रखकर उन्हें नियंत्रण में रखा जाता है”
चक्ररत्न A divine circular weapon (Chakra) possessed by Chakravarti (emperor) etc. as a jewel. सुदर्शनचक्र; जो चक्रवर्ती व अर्द्धचक्रवर्ती के होता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मत्यज्ञान – Matyagyana. Wrong sensory knowledge. कुमतिज्ञान , मिथ्याद्रष्टि जीव के कुमतिज्ञान होता है”
द्रव्य मन Objecive mind. जो हृदय स्थान में आठ पँखुडी के कमल के आकार वाला है, तथा अंगोंपांग नाम कर्म के उदय से मनोवर्गणा के स्कन्ध से जो उत्पन्न हुआ है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चंद्रोदय A book written by Acharya Prabhachandra. आचार्य प्रभानन्द नं . ३(ई. ७९७) कृत एक ग्रन्थ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मणि (कूट) – Mani (kuta). Name of the summits of Kundal & Ruchak mountains, Name of a summit and protecting deity of Shikhari Mountain. कुंडल व रुचक पर्वत पर स्थित एक कूट का नाम, शिखरी पर्वत पर स्थित एक कूट वरक्षक देव का नाम “
द्रव्य निर्विचिकित्सा Not to hate the dirty-bodied Jain saints. दिगम्बर जैन साधुओं के मलिन शरीर को देखकर ग्लानि न करना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]