परस्त्री त्याग!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परस्त्री त्याग:Abstention from adultery.स्वदार संतोष व्रत, परस्त्री सेवन का त्याग करना ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परस्त्री त्याग:Abstention from adultery.स्वदार संतोष व्रत, परस्त्री सेवन का त्याग करना ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावपुरुष – Bhavapurusha. Psychologically male one. पुरुष वेद के उदय से पुरुष की अभिलाषा रूप मैथुन संज्ञा का धारक जीव “
दर्शन मोह क्षपक Destroyer of right faith deluding Karmas. दर्शन मोहनीय कर्म को नष्ट करने वाला क्षायिक स्म्यग्दृष्टि। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
देशस्पर्श Binding of two matters (or of their particles). एक द्रव्य के देश अर्थात् अवयव का अन्य द्रव्य के देश अर्थात् उसके अवयव के साथ स्पर्श करना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शरीर सल्लेखना – Shareera Sallekhanaa. Holly destruction of the body by reducing food taking etc. (an austerity). बाह्य सल्लेखना या कायक्लेश रूप अनुष्ठान करना अर्थात् भोजन आदि त्याग करके शरीर को कृश करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पर समय:False belief of involvement in materialism (i.e. other than soul).जीव का परद्रव्यरत रहना, आत्मा को छोडकर पर द्रव्य को निज रूप मानना । जैन धर्म से बहिर्भूत सभी शास्त्र आदि परसमय कहलाते है।
देवकृत अतिशय Fourteen excellences (extraordinary occurrences) of Lord Arihant (done by deities). तीर्थंकरों के 34 अतिशयों में से 14 अतिशय जो देवों द्वारा किये जाते हैं, जैसे- संख्यात योजनों तक वन असमय में ही पत्र, फूल और फलों की वृद्धि से संयुक्त हो जाते हैं, कंटक और रेती आदि को दूर करती हुई सुखदायक वायु…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शय्या परिषह – Shayyaa Parishaha. A kind of affliction relted to sleeping with hardness. 22 परिषहों में एक परिषह; ध्यान अध्ययन अथवा मार्ग के श्रम से थककर साधू द्वारा कठोर भूमि पर एक करवट बिना कुछ ओढ़े अल्प निद्रा लेना और बाधा को समतापूर्वक सहन करना “