मेरुधन!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मेरुधन–Merudhan. Name of a chief disciple of Lord Adinath. भगवान्आदिनाथ के एक गणधर का नाम”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मेरुधन–Merudhan. Name of a chief disciple of Lord Adinath. भगवान्आदिनाथ के एक गणधर का नाम”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वायुकुमार देव – Vaayukumaara Deva.: A type of residential deities. भवनवासी देवों का 10 वां भेद “इनके मुकुटों में घोड़े का आकार है एवं इनके 96 लाख भवन हैं “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पदविभागी: A kind of Criticism, A kind of good conduct of saint. आलोचना का एक भेद, क्षेपक क्षरा आचाय्र्र के आगे क्रम से दोषो की आलोचना करना, साधुओं के क्षरा की जाने वाली समाचारी विधि का एक भेद, समस्त दिन एवं रात की परिपाटी में मुनियों क्षरा नियामें का निरन्तर आचरण करना ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुद्ध आहार – Shuddha Aahaara. Pure food to be taken by the saints. 9 कोटि से विशुद्ध आहार; जो मुनियों के संयम की रक्षा में कारण होता है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पतिव्रत: Loyalty of fidelity to a husband-a characteristic of India calture. भारतीय संस्कृति में नारी का एक विषेष धर्म अपने पति के प्रति एकनिश्ठ समर्पण एवं भक्ति का भाव रखना व अन्य पुरूष के प्रति पिता, पुत्र एवं भाई के समान भाव एवं व्यवहार रखना ।
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार]] [[ श्रेणी:शब्दकोष]] == कायोत्सर्ग : == दैवसिकनियमादिषु, यथोक्तमानेन उक्तकाले। जिनगुणचिन्तनयुक्त:, कायोत्सर्गस्तनुविसर्ग:।। —समणसुत्त : ४३४ दैनिक प्रतिक्रमण के नियमानुसार यथोचित समयावधि (२७ श्वासोच्छ्वास) तक जिनप्रभु के गुणों का चिन्तन करते हुए शरीर की ममता को छोड़ देना कायोत्सर्ग है। देहमति: जाड्यशुद्धि: सुखदु:ख—तितिक्षता अनुप्रेक्षा। ध्यायति च शुभं ध्यानम् एकाग्र: कायोत्सर्गे।। —समणसुत्त : ४८१ कायोत्सर्ग करने…
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यम–Yama. Renunciation of all consumables for whole life, Name of a protecting deity of Yamakgiri भोग व उपभोग्य वस्तुओ का जीवन पर्यन्त के लिए त्याग किया जाना, यमकगिरी का एक रक्षक देव”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुण्यास्त्रव व्रत – Punyasrava Vrata. A type of vows to be observed for particular 108 days for the earning of merits in the life. समरंभ, समारंभ, आरंभ को मन-वचन-काय से गुणा करने से प्राप्त ९ और फिर इस ९ में कृत, कारित, अनुमोदन से गुणा करने से प्राप्त २७ और २७ में क्रोध, मान,…