उपचरित-असद्भूतव्यवहार नय!
उपचरित-असद्भूतव्यवहार नय Addition. जो सर्वथा भिन्न पदार्थों को अभेदरूप करे या माने जैसे यह मेरा मकान है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपचरित-असद्भूतव्यवहार नय Addition. जो सर्वथा भिन्न पदार्थों को अभेदरूप करे या माने जैसे यह मेरा मकान है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्विकल्प सुख – Nirvikalpa Sukha. Indetermiate enjoyment, supreme bliss. समस्त विकल्पों से रहित मोक्ष सुख “
आर्यिका संघ Group of ‘Aryikas’. परम्परागत आर्यिकाओं के संगठन को आर्यिकासंघ कहते हैं, जिसमें एक मुख्य आर्यिका (गणिनी) भी होती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आरम्भी हिंसा Inevitable violence in performing various duties. हिंसा के चार भेदों में एक भेद वह हिंसा के संकल्प से न हो किन्तु असि आदि कर्मों एंव ग्रहस्थी प्रबंध करते हुए हो जाती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपशांतद्रव्य Subsided matters (dravya) . उपशम अवस्था को प्राप्त द्रव्य।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपचार Conventional usage (reg. unreal interpretation of matters). अन्य वरूतु के धर्म को प्रयोजनवश अन्य वस्तु में आरोपित करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
फलकहार A kind of necklace. एक हार: यह अर्धमाणवहार के मध्य में मणि लगाकर तैयार किया जाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
आस्रव द्वार Channels for influx of Karmas, The doors for the karmic flow. कर्मवर्गणा के आने के 57 द्वार-5 मिथ्यात्व,12 अविरति, 25 कषाय, 15 प्रमाद।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्योपधि व्युत्सर्ग – Bahyopadhi Vyutsarga. Renouncement of external means, attachments etc. बाह्य परिग्रह; क्षेत्र, वास्तु आदि का त्याग करना अर्थात् अपरिग्रह , महाव्रत का पालन करना “