चामत्कारिक!
चामत्कारिक Astonishing, Amazing, Surprising. आश्र्चर्य या अतिशयकारी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चामत्कारिक Astonishing, Amazing, Surprising. आश्र्चर्य या अतिशयकारी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्पृष्ठता – Spastataa. Clearness, Unambiguity, Obviousness.निर्मलता, विशदता, स्पष्टता एकार्थवाची है।
तात्पर्यवृत्ति Name of commetary books; written by Acharya Abhaynandi & Acharya Jaisen separately. आचार्य अभयनन्दि (ई. 930-950) द्वारा रचित तत्वार्थ सूत्र की टीका का नाम , आर्चार्य जयसेन (ई.श. 11-12) वृत्त समयसार , प्रवचनसार , व पंचास्तिकाय की टीकाएँ। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चंदानुशासन Name of a book (reg. prosody). छंद शिक्षा विषयक एक ग्रन्थ का नाम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्पर्षन क्रिया – Sparssana Kriyaa. Touching activity, tangibility.समप्रायिक आस्रव की 25 क्रियाओ मे कर्मबंध की कारणभूत एक क्रिया। अत्यधिक प्रमादी होकर स्पर्श योग्य पदार्थ का बार बार चिंतन करना अथवा प्रमाद से आलिंगन करने की भावना स्पर्शन क्रिया है।
तप्त ऋद्धि Heated, hot. जिस ऋद्धि से खाया हुआ अन्न धातुओं सहित क्षीण हो जाता है अर्थात् मल- मूत्रादि रूप परिणमन नहीं होता ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == मांसाहार : == मांसाशनेन वर्धते दर्प: दर्पेण मद्यम् अभिलषति। द्युतम् अपि रमते तत: तद् अपि र्विणतान् प्राप्तनोति दोषान्।। —समणसुत्त : ३०४ मांसाहार से दर्प बढ़ता है। दर्प से मद्यपान की इच्छा जागती है। इससे जुआ खेलने में भी मन रमता है। अत: अकेले मांसाहार के दोष से यहां…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्नायु – Snaayu. Ligament, sinew, Fibrous tissue which unites muscles to bone.मंास-पेषियो को अस्थियो से जोड़ने वाला ऊतक, औदारिक शरीर मे स्नायु का प्रमाण 900 है।
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == मृत्यु : == सीहस्स कमे पडिदं, सारंगं जह ण रक्खदे को वि। तह मिच्चुणा य गहिदं जीवं पि ण रक्खदे को वि।। —द्वादशानुप्रेक्षा : २४ जैसे सिंह के पैर के नीचे पड़े हुए हिरण की कोई भी रक्षा करने वाला नहीं होता, वैसे ही मृत्यु के द्वारा ग्रहण…