निश्चय श्रुतकेवली!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय श्रुतकेवली – Nishchaya Shrutakevali. Great saints, absolutely well-versed in scriptual knowledge. सर्व श्रुत को जानने वाले वीतरागीमुनि “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय श्रुतकेवली – Nishchaya Shrutakevali. Great saints, absolutely well-versed in scriptual knowledge. सर्व श्रुत को जानने वाले वीतरागीमुनि “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मानस्तम्भ–Maanstambh. Free standing pillar or sacred monument pillar crowned with idols of Lord Jinendra. तीर्थंकरो के समवशरण में प्रवेश करने से पहले चारो दिशाओ में तीर्थंकर के शरीर की उचाई से 12 गुणे ऊचे जिनप्रतिमाओ से समन्वित स्वर्णिम स्तंभ के आकार की रचना” दूर से ही इनके दर्शन मात्र से मिथ्याद्रष्टि जीव अभिमान…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शालि – Shali. A special type of rice. एक विशेष प्रकार का धान्य-चावल “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय प्रतिक्रमण – Nishchaya Pratikranana. Absolute penitential retreat for good & bad Karmas. पूर्वकृत जो अनेक प्रकार के विस्तार वाले शुभ व अशुभ कर्म है, उनकों आत्मा से पृथक करके आत्मलीन होना ” यह मुनि अवस्था में ही घटित होता है “
द्विज Those twice-born (first by womb and another by sacraments). एक बार गर्भ से तत्पश्चात संस्कारों से (जिसमे तपश्चरण और शास्त्राभास संस्कारित किया जाता है) जन्म लेने वाले द्विज कहलाते हैं। वर्तमान में विशेष रूप से ब्राह्मण जाति के लिए प्रचलित शब्द। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
उपशमसम्यग्दर्शन Origination of right perception due to upasham. दर्शन मोहनीय कर्म के उपशम से आत्मा में जो निर्मल श्रद्धान उत्पन्न होता है यह प्रथमोपशम एंव द्वितीयोपशम समर्यदर्शन के भेद से 2 प्रकार का है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
द्वादस व्रत 12 types of vows of householders. श्रावक के 12 व्रत 5 अणुव्रत , 4शिक्षाव्रत, 3 गुणव्रत।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लौकिक शास्त्र –Laukika Shaastra. Compositions providing worldly knowledge. व्याकरण ,गणित आदि लौकिक शास्त्र हैं “
तत्वचिंतन Act of deep thinking over 7 tattvas (matters). शुभोपयोग सात तत्वों का मनन करना। [[श्रेणी:शब्दकोष]]