मनोजय!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनोजय – Manojaya. Conquerring the impulses of mind. मन को वश में करना अर्थात मन पर विजय पाना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनोजय – Manojaya. Conquerring the impulses of mind. मन को वश में करना अर्थात मन पर विजय पाना “
गुणसंक्रमण Transition of karmic particles into different natures. समय समय गुणाकार के क्रम से कर्म परमाणु पलट कर अन्य प्रकृति रूप होना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैक्रियिक–Vaikriyika. Transformable body (reg. big & small, heavy & light body) शरीर का एक प्रकार; देव और नारकियो के शरीर विशेष को वैक्रियिक कहते हैं ” यह छोटे – बडे, हल्के – भारी अनेक प्रकार के रूपों में परिवर्तित किया जा सकता हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वृष्य –Vrsya. Intoxication food or passion stirring liquids. अभिषय या कामोद्दीपक रस “
गुरुत्व Gravitational force, Eminence, Greatness. भारी, जो किसी भी तरफ किसी चीज को ले जाए वह गुरुत्व है ,पुद्गल अधोगुरुत्व और जीव ऊर्ध्व गुरुत्व धर्मं वाले हैं , बड़प्पन , महानता ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मृदंगमध्य व्रत–Mradngmadhya Vrat. A particular type of fasting. एक व्रत जिसमे क्रमशः 2,3,4,5,4,3,2 उपवास एवं बीच के खली दिनों में पारणा कीजाती है” इसमें23 उपवास 7 पारणाएँ की जाती है”
गोशाल Name of the founder of a false doctrine. एक मिथ्यामृत प्रवर्तक ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंदोदरी Mamdodari. Name of the wife of Ravan. रावण की पटरानी, जिसने रावण की मृत्त्यु तथा पुत्रो आदि के वियोग से दुखी होकर दीक्षा ले ली “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पृथिवीपाल – Prthivipala. Name of the writer of ‘Shrut Panchami Rasa’, Name of a Pandit. पानीपत का निवासी था, वि. १६९२ में श्रुत पंचमी रास की रचना की, एक पंडित; व्रत कथाकोष छंद के कर्ता “