भोगमालिनी!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोगमालिनी :Name of a female deity of rajat summit situated at Malyavan Gajadant mountain. माल्यवान्गजदन्त स्थित रजत कूट की स्वामिनी देवी “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोगमालिनी :Name of a female deity of rajat summit situated at Malyavan Gajadant mountain. माल्यवान्गजदन्त स्थित रजत कूट की स्वामिनी देवी “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] Beneficence to other, well- being of others. दूसरो का हित करना व चाहना।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यथालब्ध–Yathalabdh. Whatever available (an adjective word). जो भी उपलब्ध हो (यह एक विशेषण रूप शब्द है जो व्यापार, ज्ञान आदि में जितना उपलब्ध हो उसमें संतोष करना रूप से घटित होता है” यह साधुओ के आहार संबंधी विषय में भी घटित होता है”)
ग्रन्थसम A type of substantive identity of matter. द्रव्यनिक्षेप का एक भेद ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पदमध्वज: Auspicious flags in the samavasharan-assembly of Lord, Name of predestined Kulkar (ethical founder). स्मवशरण से संबंधित कमलांकित ध्वजाएं, भविष्य कालीन 14 वें कुलकर ।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूर्च्छन–Murchchhan. A type of birth by spontaneous generation. तीन लोको के ऊपर, नीचे और तिरछे देह का चारो ओर सेग्रहण होना अर्थात चारो ओर से पुद्गलो का ग्रहण करके अवयवो की रचना होना, इसी को संमूर्च्छन जन्म कहते है”
गरिष्ठ रस Fatty foods (reg. edibles). घृत आदि से बने सभी पदार्थ गरिष्ठ रस कहलाते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == निर्वाण : == जाइ—जर—मरणरहियं परमं कम्मट्ठवज्जियं सुद्धं। णाणाइचउसहावं अक्खयमविणासमच्छेयं।। —नियमसार : १७७ निर्वाण की स्थिति जन्म, जरा व मरण से रहित होती है। वह आठ कर्मों से रहित, उत्कृष्ट एवं शुद्ध है। वह अनंत दर्शन, अनंत ज्ञान, अनंत सुख व अनंत वीर्य—इन चार आत्मिक स्वभावों से युक्त है,…
गमनागमन तप An austerity (physical mortification) journey on foot to pilgrimage without stoppage. कायक्लेश-तिर्थादि एक स्थान से दूसरे स्थान जाना और बिना विश्रान्ति के स्वस्थान लौट आना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पूर्व समास – Poorva Samaasa. A type of scriptual knowledge (Shrutgyan). श्रुतज्ञान का अंतिम 20 वां भेद “