रसज!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रसज – दूध आदि रसों में उत्पन्न होते वाले या वीर्य में उत्पन्न होने वाले जीव।जो सेमूच्छन जन्म वाले होते है और नेत्रों से नहीं दिखते है। Rasaja-Invisible micro beings of take birth in liquids
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रसज – दूध आदि रसों में उत्पन्न होते वाले या वीर्य में उत्पन्न होने वाले जीव।जो सेमूच्छन जन्म वाले होते है और नेत्रों से नहीं दिखते है। Rasaja-Invisible micro beings of take birth in liquids
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिनीत – Pratineeta. An infraction of paying reverence disobedience. वन्दना का एक अतिचार; गुरु की आज्ञा से प्रतिकूल आचरण करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगदर्षन – एक दर्षन जो ध्यान धारणा समाधि आदि के द्वारा तत्वों का साक्षात् करने ंका उपाय सुझाता है। Yogadarsana-name of a philosophy
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिकेशव – Pratikeshava. Pratinarayana (noble person). प्रतिनारायण “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्पवती – Puspavati. Name of a chief female divinity of an Indra of Kinnar type. किन्नर जाति के व्यंतरों के इन्द्र ‘महापुरुष’ की वल्लभिकादेवी “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्प – Puspa. Flowers, an article for worshipping Lord Arihant. फूल- चंपा, चमेली, गुलाब आदि. भगवान की पूजन में प्रयुक्त अष्ट द्रव्यों में एक द्रव्य “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राश्ट्रकूटवंष – जंगतंुग अमोधवर्श आदि राजाओ का वंष। इस वंष का राज्य मालवा प्रदेष में था। राजधानी मान्यखेट थी। Rastrakutavamsa-Name of a dynasty
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुरुषाकार – Purusakara. A particular standing posture of male (shape of Teen Lok). तीन लोक का आकार पुरुषाकार कहलाता है (दोनों पैर फैलाकर दोनों हाथों को कमर पर रखकर खड़े पुरुष का आकार) “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नत्रयव्रत – वर्श में 3 बार, भादो, माध चैत्र में विघिपूर्वक षु, 13 से पूर्णिमा तक किया जाने वाला व्रत। Ratnatrayavrata- A particular type of vow or fasting
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुरातत्त्व – Puratattva. Archaeology. पुरातन, प्राचीन अवशेष “