मिथ्या श्रुतज्ञान!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मिथ्या श्रुतज्ञान–Mithya shrutagyan. False scriptural knowledge. मिथ्यादर्शन के उदय के साथ श्रुतज्ञान मिथ्या श्रुतज्ञान कहलाता है”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मिथ्या श्रुतज्ञान–Mithya shrutagyan. False scriptural knowledge. मिथ्यादर्शन के उदय के साथ श्रुतज्ञान मिथ्या श्रुतज्ञान कहलाता है”
चक्रव्यूह An array of soldiers in the form of a circle. एक विशिष्ट सैन्य रचना, इसमें राजा मध्य में रगता है और उसके चारों ओर अंगरक्षक होते हैं , इसकी चक्राकार रचना में एक हजार आरे होते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] माणिक्यनंदि – Manikyanamdi. Name of the disciple of Ratnanandi and pre-cepter of Magehchandra, and the disciple of Acharya Ramnandi. नंदिसंघ बलात्कारगण में रत्ननन्दी के शिष्य तथा मेघचंद्र के गुरु (ई. सं. ६६३-६७९), आचार्य रामनंदी के शिष्य परीक्षामुख सूत्र के कर्ता आचार्य (ई. स. १००३-१०२८) “
चन्द्रगिरि A mountain at Shravanbelgola. श्रवणबेलगोला में स्थित एक पर्वत ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] भेद पक्ष:Acceptance of something with alternative viewpoints. द्रव्य को गुण व पर्याय की अपेक्षा ग्रहण करना “
गृहकर्म Installation of idols in temples. गृहस्थ द्वारा करने योग्य कर्म, स्थापना निक्षेप से कर्म का एक भेद, जिनग्रहों में प्रतिमा की स्थापना करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वृषभसेन – Vrsabhasena. The younger brother of Bharat Chakravarti, who became first chief disciple of Lord Rishabhdev.Name of a king of Rajgrahi city. भरत चक्रवर्ती के छोटे भाई जो की पुरिमतालपुर के राजा थे ये भगवन ॠषभदेव के प्रथम गणधर बने राजगृही के एक राजा का नाम जिन्होने तीर्थकर मुनिसुव्रत को आहार…
गुणवृद्धि Increasing series (in properties). गुणाकार रूप अधिक अधिक द्रव्य जिसमें पाया जाए ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यथाकाल उदय–Yathakala udaya Fruition of karmic nature on maturity. स्तिथिपूर्ण होने पर समय पर कर्मो का उदय में आना “
गतिभ्रमण काल Wandering period of five sensed beings (reg. body forms). पंचेंद्रियों में कुल परिभ्रमणकाल पूर्वकोटि प्रथक्त्व अधिक १००० सागर प्रमाण हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]