भाव स्थिति!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव स्थिति – Bhava Sthiti. Constant nature. जिसका जो स्वभाव है उससे च्युत न होना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव स्थिति – Bhava Sthiti. Constant nature. जिसका जो स्वभाव है उससे च्युत न होना “
गुप्तिवान् One having self control or restraints in attach- ments, passions etc. योग निग्रक करने वाला अर्थात् तीन् गुप्ति वाला ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संवृति सत्य – Sanvrti Satya. A type of true speech, denoting one prominent among many objects. सत्य वचन के 10 भेदों में एक भेद ” समुदाय को एक देश की मुख्यता से एक रूप कहना ” जैसे-जहां अनेक वाद्यों का शब्द एक समूह में हो रहा है वहां भेरी आदि की मुख्यता से भेरी…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सपादलक्ष – Sapaadalaksa. Name of a country where pandit Ashdadhar was born at Mandalgarh city. एक देश जिसके माण्डलगढ़ नगर मे पं. आशाधर जी का जन्म (वि. सं. 1230 मे) हुआ था।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मन – Mana. Mind , Consciousness. अन्तःकरण ” नोइन्द्रिय; जिसके द्वारा शिक्षा ग्रहण हो , तर्क – वितर्क हो , संकेत समझा जावे “
गुप्तिगुप्त Another name of Acharya Arhadvali. श्रुतावतार में कथित आचार्य अर्हद्वली का अपरनाम . समय-ई.३८-४८ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विराट – Virata. Name of a country, the old name of Barar. एक देश, राजा विराट यहाँ के राजा थे वनवासी पांडवों ने छध्वेश में इसी का आश्रय लिया था (बरार देश का पूर्व नाम) “
गोवर्द्धन The 4th omniscient after Lord Mahavira. भगवान वीर के के पश्चात् हुए चौथे श्रुतकेवली ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंदिर निर्माण कर्म – Mandira Nirmana Karma. A duty of householders to construct the temples. श्रावकों का एक कर्म ; मंदिर का निर्माण कर पंचकल्याणक आदि विधि से जिनेन्द्रप्रभु को विराजमान करना “