भावास्त्रव!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावास्त्रव – Bhavasrava. Flowing of Karmas. आत्मा के जिस परिणाम से पुदगल द्रव्य कर्म बनकर आत्मा में आता है उस परिणाम को भावास्त्रव कहते हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावास्त्रव – Bhavasrava. Flowing of Karmas. आत्मा के जिस परिणाम से पुदगल द्रव्य कर्म बनकर आत्मा में आता है उस परिणाम को भावास्त्रव कहते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोकव्यवहार – Lokavyavahaara. : Worldly dealings. सामाजिक शिष्टाचारयुक्त व्यवहार “
द्रव्य विशेष Excellence of a matter. जीव पुद्गलादि में अमूर्तिक-मूर्तिक विशेष धर्म । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुरगंगा – Suragangaa. Milkyway, (the galaxy, a luminous band of heavenly stars), The heavenly Ganges. आकाशगंगा ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पार्थिवी धारणा – Parthivi Dharana. A specified contemplation (of Pindastha Dhyana) visualising the scenes of earthen elements. पिण्डस्थ ध्यान की ५ धारणाओंमें प्रथम धारणा; पिण्डस्थ दयां करने वाला योगी पहले शांत और सफेद समुद्र का ध्यान करे, फिर उसके मध्य में स्वर्ण कमल का चिंतन करे, तत्पश्चात उस कमल के मध्य स्थित कर्णिका में…
द्रव्य प्रत्याख्यान Resolution for the renunciation of non-acceptable matters. अयोग्य आहार, उपकरण वगैरह पदार्थों को ग्रहण नहीं करूँगा ऐसा संकल्प करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुमति – Sumati. Good understanding or Judgement. अच्छी वृद्धि ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पारमार्थिक ध्यान – Parsmarthika Dhyana. Meditation for the knowledge of own soul. स्वआत्मा को पहचानने के लिए किया जाने वाला ध्यान “
द्रव्य निबंधन Binding of two matters. जो द्रव्य जिन द्रव्यों का आश्रय करके परिणमन करता है , अथवा जिस द्रव्य का स्वभाव द्रव्यान्तर से प्रतिबद्ध है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]