लांतव देव!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लांतव देव – सातवे स्वर्ग के निवासी देव। Lamtava Deva-The deities of the 7th heaven
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लांतव देव – सातवे स्वर्ग के निवासी देव। Lamtava Deva-The deities of the 7th heaven
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगपरिकर्म – मन वचन काय द्वारा आत्म प्रदेषो की चंचलता। Yoga parikarma-Vibration in soul points
ऋष्मिण्डन यंत्र A metallic plate engraved with auspicious and mystic words. ऋषिमण्डल स्तोत्र पर आधारित एक यंत्र विशेष ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सापेक्ष नय – Saapeksha Naya. A standpoint related to relativity. सापेक्ष नय वस्तु स्वरूप हैै जो सम्यक है एवं स्व व पर के उपकार के लिये होता है।
ऋजुमनस्कृतार्थज्ञ One having telepathic knowledge related to mental activities. मन के द्वारा किये जाने वाले कार्य को ऋजुमति मनःपर्यय ज्ञान के द्वारा जानने वाला।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] साधु पूजा – Saadhu poojaa. Worshipping of Jaina saints. श्रावक के षट्कर्तव्यों में गुरूपास्ति नाम का एक कर्तव्य, देव गुरू, यति का पूजारूप धर्मानुराग इत्यादि ।
ऋद्धिप्राप्त आर्य Noble men (saints etc.) possessing supernatural powers. सात या आठ प्रकार की ऋद्धियों को रखने वाले जैन साधु।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नोच्चय – सुमेरू पर्वत का अप रनाम Ratnoccaya-The other name of Sumeru Mountain
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगनिग्रह – मन वचन काय की स्वछन्द प्रवृत्ति को सम्यक् प्रकार से रोकना। Yoganigraha-Controlling the activities related to mind speech & body
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमार्थ दोहा शतक: See- Paramartha Gita.देखें – परमार्थ गीत