वचन (सत्प्रतिषेध)!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन (सत्प्रतिषेध) – Vachan (Satpratisedha).: Speech with negation of truth. असत्य वचन के 4 भेदों में प्रथम भेद; अस्तित्वरूप पदार्थ का निषेध करना ” जैसे – मनुष्यों की अकाल में मृत्यु नहीं हैं ऐसा कहना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन (सत्प्रतिषेध) – Vachan (Satpratisedha).: Speech with negation of truth. असत्य वचन के 4 भेदों में प्रथम भेद; अस्तित्वरूप पदार्थ का निषेध करना ” जैसे – मनुष्यों की अकाल में मृत्यु नहीं हैं ऐसा कहना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राहू – ज्यातिश के मुख्य 9 ग्रहो में 8 वां ग्रह जन्मकुंडली में राहु ग्रह से अनिश्ट होने पर उसके निवारण हेतू भगवान नेमिनाथ की उमासना की जाती है। Rahu-An astrological planet
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निष्कांक्षित – Nishkaankshita. See – Nihkaamkshita. देखें – निःकांक्षित “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] ल्क्षण निमित्तज्ञान – अश्टांग निमित ज्ञान का छठा अंग, षारिरिक चिन्ह देखकर मनुश्य के ऐष्वर्य व दरिद्री आदि का ज्ञान होना। Laksana Nimittajnana-A type of knowledge gained through different marks of the body
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिला – Shilaa. The third land of hell, A rock, a cliff. नरक की तृतीय पृथवी, पाषाण, पत्थर, चट्टान “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निषध पर्वत – Nishadha Parvata. Name of a mountain situated in Jambudvip (an island). जम्बूद्वीप के 6 कुलाचलों में तीसरा पर्वत “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिक्षागुरु – Shikshaaguru. Teacher, spiritual teacher, religious preceptor-saints. व्यवहारिक शिक्षा प्रदान करने वाले गुरु-इन्हें विद्यागुरु भी कहते हैं ” आगम ग्रंथों का अध्ययन कराने वाले ” निर्यापकाचार्य जो संयम (देश या सकल) के छेड़ की शुद्धि के लिए प्रायश्चित देकर संवेग व वैराग्य जनक परमागम के वचनों द्वारा साधू का संवरण करते हैं ”…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय हिंसक – Nishchaya Hinsaka. One who has not given up attachment, malice etc. जो प्रमाद व राग द्वेष आदि से सहित है “