प्रदेशापचय!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रदेशापचय- प्रदेषें की न्यमनता या ह्नास। pradesapacaya – deterioration of space points
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रदेशापचय- प्रदेषें की न्यमनता या ह्नास। pradesapacaya – deterioration of space points
तर्क संग्रह A book written by Shivaditya. वैषेषिक साहित्य प्रवर्तक शिवदित्य का एक ग्रंथ। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रदेश- आकाष के एक अविभगी अंष का नाम प्रदेष है अथवा आकाष का वह अंष जिसको एक अविभागी पुद्गल परमाणु रोके। pradesa – space point, location, point as decimal place.
तरेप्पन क्रिया वृत Union or association with youngs (which is prohibited in relation to observing celibacy). श्रावक की 53 क्रियाओं के वृत – अष्टमूलगुण , बारह व्रत, बारहि तप, समता भाव, ग्यारह प्रतिमाएं, चार दान, पानी छानकर पीना, रात्रि भोजन त्याग, सम्यग्दर्शन सम्यग्ज्ञान आसैर सम्यग्चारित्र के वृत । इनकी विधिस ग्रंथों में देखें। [[श्रेणी: शब्दकोष…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रयोगकर्म- कर्म का एक भेद; यह मन, वचन, काय प्रयोग कर्म के भेद से 3 प्रकार का होता है। Prayogakarma –A type of Karma
तर्क Argument, Inductive reasoning, Logic. उपलब्धि और अनुपलब्धि की सहायता से होने वाला व्याप्तिज्ञान जैसे – धुएँ को देखकर अग्नि का ज्ञान होना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमेय- द्रव्य पर्याय रुप वस्तु ही प्रमेय है। प्रमाण (ज्ञान) से जो जाना जाये। Prameya- Object to be known completely
तपशुद्धि Purity through austerity. सदा संयम, समिति, ध्यान और योगों में प्रमाद रहित होते हुए तपश्चरण तथा तेरह प्रकार के चारित्र में उद्यमी रहने हुए पापों का नाश करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमादचरित- अनर्भदण्ड; बिना प्रयोजन पृथिवी, जल, अग्नि के आरम्भ करना, वनस्पति छेदना, पर्यटन करना और दूसरों को कराना। Pramadacarita- Causing useless activities (purposeless)
तदुभय प्रायश्चित्त A type of repentance (related to self criticism). प्रायश्चित्त के 10 भेदों में एक भेद आलोचना और प्रतिक्रमण दोनों का संसर्ग होने पर दोषों का शोधन होने से तदुभय प्रायश्चित्त है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]