उत्पल!
उत्पल A summit of Padma Hrada (a lake). पद्म हद में स्थित एक कूट।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उत्पल A summit of Padma Hrada (a lake). पद्म हद में स्थित एक कूट।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निरीती – Nireetee. Lack of different calamities. ईतियों का अभा; अतिवृष्टि, अनावृष्टि, भूषण, शलभ, शुक और निकटवर्ती शत्रु-ये 6 ईतियां है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैक्रियिक शरीर नामकर्म प्रकृति –VaikriyikaSariraNamakarnnaPrakrti. A physique making Karmic nature of the formation of transformable body of deities & hellish beinghs. नामकर्म, जिसके उदय से विकार करने योग्य या बदलने योग्य देव या नारकियों का शरीर प्राप्त हो “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संसक्त साधु – Sansakta Saadhu. Saints involved in occupational or professional activities. जो मंत्र, वैद्यक या ज्योतिष शास्त्र से अपनी जीविका करते है और राजा आदिकों की सेवा करते हैं वे संसक्त साधु हैं ” ये सदोष साधु होते हैं “
एकेन्द्रिय Beings – having one sense. जिसके मात्र स्पर्शन इन्द्रिय है, पाँच स्थावर जीव।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विपुलाचल – Vipulachala. Name of the first hill among five hills of Rajgrih Nagar. राजगृह नगर (नालंदा, बिहार ) की पंच पहाड़ियों में प्रथम पहाड़ी ” इंद्र ने भगवान महावीर के (केवलज्ञान होने के ६६ दिन पश्चात् ) प्रथम धर्मोपदेश के लिये यहां समवशरण रचा था “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुवक्त्र – Suvaktra. One with beautiful face, Name of a vidyadhar king. सुन्दर मुखवाला, एक विद्याधर यह विनमि का वंषज था । विद्युन्मुख का पुत्र और विद्युददंष्ट्र का पिता ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निरतिचारता – Niratichaarataa. State of faultiessness, state of non-transgression, Non- Violation. निरतिचार या निर्दोषताका भाव निरतिचारता है “
त्रिकूट Infinite body forms in past, present and future times. भरत क्षेत्र में एक पर्वत, विद्याधरों की एक नगरी । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विमानपंक्ति व्रत – Vimanapamkti Vrata. A particular vow (fasting) pertaining to the tem-ples in the 63 patal (layers) of heavens. स्वर्गों में कुल ६३ पटल है ” प्रत्येक पटल में एक-एक इंद्रक और उसके चारों दिशाओं मे अनेक श्रेणीबध्द विमान है ” प्रत्येक विमान में जिन चैत्यालय है ” उनके दर्शन की…