त्रिलोकीय!
त्रिलोकीय Father’s name of Lord Naminath reg. past era. नमिनाथ भगवान के पूर्व भव के पिता का नाम । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
त्रिलोकीय Father’s name of Lord Naminath reg. past era. नमिनाथ भगवान के पूर्व भव के पिता का नाम । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भुजवर द्वीप – सागर – Bhujavara Dvipa Sagara. Name of an island and ocean of middle uni-verse. मध्यलोक में स्थित एक द्वीप व समुद्र का नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सप्त ऋषि – Sapta Risi. Group of 7 particular saints, who were real brothers. चारण ऋद्विधारी 7 विषेष मुति-सुरमन्यु, श्रीमन्यु, श्रीनिचय, सर्वसुन्दर, जयवान्, विनयलालस और जयमित्र। उत्तम तप के कारण सातो भाई सप्त ऋषि कहलाये। इनके प्रभाव से मथुरा नगरी मे चमरेन्द्र यक्ष द्वारा प्रसारित महामारी रोग नष्ट हुआ था।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैशेषिक दर्शन –VAisesika Darsana. Name of a philosophy. एक दर्शन जिसमें प्रत्यक्ष व अनुमान दो ही प्रमाण स्वीकार किये जाते हैं, इसके अनुयायी शिव के उपासक होते हैं “
गुरुपरंपरा Tradition of Spiritual Teachers (Acharyas). आचार्य परमपरा ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
देवद्विक Dyad of Karmic nature related to celestial destination. देवगति व आनुपूर्वी (देवगत्यानुपूर्वी)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
गौरव Eminence, Grandeur, Dignity. महत्त्व, बड़प्पन,सम्मान, अतिचार का एक भेद , वंदना का एक अतिचार ; भोजन उपकरण आदि की चाह से करना ऋद्धि गौरव दोष है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दृष्टिशक्ति Power of vision. दर्शन क्रियारूप शक्ति जिसमें ज्ञेयरूप आकार का विशेष नहीं हैं ऐसे दर्शनोपयोगमयी (सत्तामात्र पदार्थ से उपयुक्त होने स्वरूप ) है।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुद्धात्मस्वरुप – Suddhaatmasavroopa. The absolute form of soul, A synonym word for Mokshmarg (path of salvation). शुद्ध आत्मा का स्वरुप, मोक्ष मार्ग या निर्विकल्प समाधि का अपरनाम “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंत्रसामर्थ्य: Power of mystical words or verses. मंत्र की शक्ति “