तीन!
तीन Three (three jewels of Jain philosophy etc.). एक संख्या , तीन लोक , तीन चैबीसी , रत्नत्रय (तीन रत्न), तीन अज्ञान इत्यादि । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तीन Three (three jewels of Jain philosophy etc.). एक संख्या , तीन लोक , तीन चैबीसी , रत्नत्रय (तीन रत्न), तीन अज्ञान इत्यादि । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लेख क्रिया- Lekh kriyaa.: Writing activity, Deceitful or fraudulent writing. लेखन कार्य, सत्याणुव्रत का एक अतिचार; छल से लेख लिखना इसे कूट लेख क्रिया कहते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पापमोचन – Papamocana. Liberation from sins. पापों से मुक्ति “
तिर्यक् चतुष्टकय A quartet related to subhuman beings (Tiryanch). तिर्यच गति, तिर्यचगत्यानुपूर्वी, तिर्यचआयु, उद्योत।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पाघस्थितिकल्प – Padyasthitikalpa. To stay at one place only for 4 months in rainy season (reg. saint). वर्षा काल में चार मास तक एक ही स्थान पर रहना अर्थात् भ्रमण का त्याग करना, यह ‘पाघ’ नाम का १०वां स्थितिकल्प है “
तिर्यच जीव Animal and plants, beings other than human, celestial & infernal beings. मनुष्य, देव और नारकी जीवों को छोडकर शेष एकेन्द्रिय से लेकर पंचेन्द्रिय जीव तिर्यंच जीव कहलाते हैं । मन वचन काय की कुटिलता को प्रापत , निकृष्ट अज्ञानी और जिनके अत्यधिक पाप की बहुल्ता पायी जाये , उसको तिर्यंच कहते हैं।[[श्रेणी: शब्दकोष…
तालाब Pond, the 8th dream of Bharat Chakravarti (an emperor) out of 16 dreams. भरत चक्रवर्ती के 16 स्वपनों में 8 वें स्वप्न, जिसमें मध्य भाग में सूखा तालाब देखा।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पातक :Sin, offence, impurity caused due to the death of someone having blood relation.पाप, संबंधी के मरण के समय का अशैच या अपवित्रता। यह वंश परम्परा की पीढि़या के अनुसार 6 माह, 12 दिन, 10 दिन इत्यादि का माना जाता है। पातक के समय भगवान का अभिषेक-पूजन, शास्त्र स्वाध्याय, गुरुओ को आहारदान इत्यादि धार्मिक…
तापस An ascetic, A country of Bharat Kshetra in the west Arya khand (region). एक तपस्वी , भरतक्षेत्र के पश्चिम आर्यखण्ड का एक देश। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पाटला:Name of the initiation tree of Lord vasupujyanath.पद्यपुराण के अनुसार वासुपूज्यनाथ भगवान के दीक्षा वृक्ष का नाम (इसका नाम महापुराण के अनुसार कदम्ब है)।