त्रिजट!
त्रिजट A king of Vidyadhar dynasty. राक्षस वंश का एक राजा, रावण का पक्षधर का विद्याधर । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
त्रिजट A king of Vidyadhar dynasty. राक्षस वंश का एक राजा, रावण का पक्षधर का विद्याधर । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तपकल्याणक The 3rd auspicious event of Tirthankars’ (Jaina Lord) lives (related to austerity). कल्याणक के पंच कल्याणकों में तृतरीय दीक्षा कल्याणक । इस कल्याण्वशसेष रूप से लौकांतिक देव आकर भगवान के वैराग्यभाव की प्रशंसा करतजे । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हतसमुत्पत्तिक – Hatasamutpattika. The karmic places originated after the destruction of the relative karmas. कर्मों का द्यात जाने पर जिन सत्यकर्म अर्थात् सत्ता मे विद्यमान कर्म की उत्पत्ति होती है, उन्हे हतसमुत्पत्तिक कहते है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परपाखण्ड कथा:Tale pertaining to hypocrisy.पाखण्ड से संबंधित कथा।
तद्विलक्षण Knowledge acquired by studying the scriptures (reg. extraordinariness). प्रत्यभिज्ञान का एक भेद, यह उससे विलक्षण है इस प्रकार का ज्ञान होना । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वेच्छारी – Svecchaacaarii. One free from any restraints, willful, wayward. अपनी इच्छा से आचरण करने वाला।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परजुगुप्सा कथा:Contemptuous talk.दूसरों के प्रति ग्लानि व अरूचि उत्पन्न कराने वाली कथा ।
ततव समास Name of a treatise written by Maharshi Kapil. सांक्ष्य मत के मूल प्रणेता महर्षि कपलि की एक कृति का नाम।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वाभाविक आनंद – Svaabhaavika Aanamda. Supreme natural bliss, supreme pleasure. निश्चत मोक्षमार्ग के अनेक नामो मे एक नाम, समस्त विकल्पो से रहित परम समाधि से उत्पन्न होने वाला सुख।
तत्वार्थराजवर्तिक A book written by Acharya Aklanka Bhatta. आचार्य अकलंक देव (ई.620-680) द्वारा रचित एक ग्रंथ। [[श्रेणी:शब्दकोष]]