एकजीव-एक अजीव कर्म!
एकजीव-एक अजीव कर्म Karma related to soul and non soul matters. जीव के उपयोग स्वरूप – द्वेषादिक जीव कर्म, कार्मण स्कंधों की अवस्था अजीव कर्म।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
एकजीव-एक अजीव कर्म Karma related to soul and non soul matters. जीव के उपयोग स्वरूप – द्वेषादिक जीव कर्म, कार्मण स्कंधों की अवस्था अजीव कर्म।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशेषालोचन – Visheshalochana. Acceptance of own faults before an Achrya by a mortifier (Kshapak). सल्लेखना के समय क्षपक के द्वारा आचार्य के सामने की जाने वाली विशेष आलोचना “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमावगाढरूचि दर्शनार्थ :A type of Aryas-noble persons.अनृद्वि प्राप्त आर्य का एक भेद । परमावधि या केवलज्ञान दर्षन से प्रकाशित जीवादि पदार्थ विषयक प्रकाश से जिनकी आत्मा विषुद्व है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूमिकुंडल – Bhumikundala. A city in the south of Vigjavardha mountain. विजयार्ध की दक्षिण श्रेणी का एक नगर “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] साधन – Saadhana. Means, resource. कार्य आदि के सम्पादन मं नित्तिभूत क्रिया, हेतु, उपाय आदि साधन कहलाते है। मरण समय आहार व मन वचन काय के व्यापार का त्याग करके आत्म शुद्धि करना साधन है।
ऋषि Name of the first Tirthankara (Jaina-Lord) Rishabhadev. ब्रह्मर्षि देवर्षि परमर्षि।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भयसंभूति – Bhayasambhuti. A type of super power possessed by king Ravan and Dashrath. राजा रावण एंव दशरथ को प्राप्त एक विधा “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] साता – Saataa. Pleasure, bliss, merriment. सुख अर्थात् साता रुप आत्मा का परिणाम।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विनीता – Vinita. Another name of Ayodhya, the birth place of Lord Rishabhdev and of many great personali-ties. अयोध्या; तीर्थकर वृषभदेव, अजितनाथ, अभिनंदननाथ, सुमतिनाथ, अनंतनाथ, चक्रवर्ती भरत, ८ वें बलभद्र राम नारायण लक्ष्मण की जन्मभूमि “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सागार – Saagaara. Householders, lay followers. गृहस्थ। गृह मे रहने वाले गृहस्थधर्म पालक। अर्थात् सकल परिग्रह सहित धर मे रहने वाले सागार कहलाते हेै।