तिर्रूक् सूर्यतप!
तिर्रूक् सूर्यतप A type of austerity (pertaining to the walking in the day time). कायक्लेश सूर्य को तिर्यक् (दायंे-बायें ) करके गमन करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तिर्रूक् सूर्यतप A type of austerity (pertaining to the walking in the day time). कायक्लेश सूर्य को तिर्यक् (दायंे-बायें ) करके गमन करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रुतकीर्ति – Shrutakeerti. Name of a two different saints of Nandi group. नंदिसंघ बलात्कार गण त्रिभुवन कीर्ति के शिष्य जिन्होंने अनेक ग्रंथो की रचना की ” नंदिसंघ देशीयगण, माघनंदि कोल्हापुरीय के शिष्य एक महावादी ” कृति-काव्य राघव पाण्डवीय (समय- ई. 1133-1163) “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सदासुखदास – Sadaasukhadaasa. Name of a writer (a Pandit), who has written commentary of many great Jaina books. जयपुर निवासी एक पंडित ” भगवती आराधना की भाषा वचनिका, समयसार नाटक टीका, तत्त्वार्थ सूत्र की लघु टीका, रत्नकरण्ड श्रावकाचार की टीका, अकलंक स्तोत्र, मृत्यु महोत्सव संस्कृत टीका आदि के कर्ता ” समय- 1795-1866 “
तिरोभाव Concealment, Disappearance (by divine power). दैविक शक्ति अदृष्य हो जाना, शून्य हो जाना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
आत्मरक्षित Self-protected, A type of special heavenly deities (Laukantik Dev). स्वयं के द्वारा रक्षित, लौकान्तिक देवों का एक भेद जिनकी संख्या 27027 है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तार The 3rd Patal (layer) of the 4th hell. चतुर्थ नरक का तृतीय पटल। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
उन्मार्गगामी श्रमण Demoralized saints. कुमार्गगामी या खोटे आचरण बाला साधु।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
सत्य – Satya. Truth, Real, Genuine, Pure. विद्यमान या अविद्यमान वस्तु का निरूपण करने वाला प्राणी हितैषी वचन, ये वचन 10 प्रकार के होते हैं ” उत्तम क्षमादि 10 धर्मों में एक धर्म “
तर्क विरूद्ध Opposition against absolute facts of scriptures (related to Jain philosophy). आगम प्रामाणिकताओं में विरोध मानना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]