तत्वार्थसार दीपक!
तत्वार्थसार दीपक A book written by Acharya Sakalkirti. आचार्य सकलकीर्ति (ई. 1406-1442) कृत सात तत्व विवेचना (संसकृत ग्रंथ)। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
तत्वार्थसार दीपक A book written by Acharya Sakalkirti. आचार्य सकलकीर्ति (ई. 1406-1442) कृत सात तत्व विवेचना (संसकृत ग्रंथ)। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनोज्ञान- Manogyana. Wisdom , mental knowledge , intelligence , Telephatic knowledge. मन के निमित से उत्पन्न होने वाला ज्ञान ” मनःपर्यय ज्ञान “
चमर Flywhisk, See – Ca´vara. देखें-चंवर . इस नाम का इंद्रा जो तीर्थंकर के जन्मोत्सव में चमर ढोरता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मिश्रश्रद्धा–Mishrashraddha. To have right & wrong reverence or devotion. एक ही समय में तत्त्व और अतत्त्व दोनों पदार्थो की श्रद्धा होना” अर्थात् सम्यक मिथियात्व रूप मिला हुआ श्रद्धान”
चन्द्रचूल A chief disciple of Lord Rishabhdeva. भगवान ऋषभदेव के ८४ गणधरों में एक गणधर ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] भूषणांग जाति कल्प वृक्ष:A type of wish fulfilling tree (related to providing ornaments). 10 प्रकार के कल्प वृक्षों में एक वृक्ष का नाम; जोआभूषण प्रदान करतेहैं।
गृहकूटक Name of a dominion (Varsha Ritu Nivas) of Chakravarti (emperor). चक्रवर्ती की एक विभूति ‘वर्षा ऋतु निवास’ का नाम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == समानता : == म्रियतां वा जीवतु वा जीव:, अयताचारस्य निश्चित हिंसा। प्रयतस्य नास्ति बन्धो, हिंसामात्रेण समितिषु।। —समणसुत्त : ३८८ जीव मरे या जीये, अयतनाचारी को हिंसा का दोष अवश्य लगता है। किन्तु जो समितियों में प्रयत्नशील है, उससे बाह्य हिंसा हो जाने पर भी उसे कर्मबंध नहीं होता।…
गुणभूषण Name of a poet, the writer of ‘Shravkachar’. कवि;भाव्यजन चित्तवल्लभ , श्रावकाचार आदि के कर्ता ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]