मंडित!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंडित: Including, A city situated in the south of Vijayardh mountain. सहित, समन्वित, विजयार्ध की दक्षिण श्रेणी का एक नगर “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंडित: Including, A city situated in the south of Vijayardh mountain. सहित, समन्वित, विजयार्ध की दक्षिण श्रेणी का एक नगर “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पदार्थ श्रद्धान: Real & right belief in all 9 mattars सम्यग्दर्शन हिंसादि रहित धर्म, अठारह दोष रहित आप्त, निग्र्रन्थ प्रवचन व गुरू में श्रद्धान रखना । 9 पदार्थो के यथार्थ श्रद्धान से सम्यग्दर्षन होता है।
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == गुणस्थान : == यैस्तु लक्ष्यन्ते, उदयादिषु सम्भवैर्भावै:। जीवास्ते गुणसंज्ञा निर्दिष्टा: सर्वर्दिशभि:।। मिथ्यात्वं सास्वादन: मिश्र:, अविरतसम्यक्त्व च देशविरतश्च। विरत: प्रमत्त: इतर: अपूर्व: अनिवृत्ति: सूक्ष्मश्च।। उपशान्त: क्षीणमोह: संयोगिकेवलिजिन: अयोगी च। चतुर्दश गुणस्थानानि च, क्रमेण सिद्ध: च ज्ञातव्या।। —समणसुत्त : ५४६-५४८ मोहनीय आदि कर्मों के उदय आदि (उपशम, क्षय, क्षयोपशम आदि)…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विजयद्वार – Vijayadvaara.: The east door of the rampart of Jambudvip (island). जम्बूद्वीप की जगती (कोट ) का पूर्व द्वार “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंगल द्रव्य : Auspicious articles like fly-whisk, pitcher, parasol etc. जिन प्रतिमा के समीप रहने वाले अष्ट मंगल द्रव्य – पंखा, छत्र, चमर, ध्वजा, दर्पण, सुप्रतिष्ठ, भृंङार, कलशये 8 मुख्य रूप से मंगल द्रव्य हैं “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पदधन: Sum of progression. सर्वधन, अगल-अलग पदों को जोडने पर प्राप्त प्रमाण ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीर ज्ञानोदय ग्रंथमाला –ViraJnanodayaGrarnthamala Name of alarge Jain Granthmala(publishing centre)established in the year 1972 on the inspiration of GaniniShriGyanmatiMataji at Jambudvip – Hastinapur (Meerut). U.P. it is managed by ‘Digambar Jain TrilokShodhSansthan’ and nuber of jain treatises have been published and are being published form here. See the list of its all…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विचिकित्सा – Vichikitsaa.: Aversion,disgust,antipathy,hatred (a fault of right perception). ग्लानि ,घृणा “साधुओं को मलिन देखकर उनसे घृणा करना ” यह सम्यग्दर्शन का एक दोष है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पताका:Flag fixed on the summit of a temple. जन मन्दिरों में लगाई जाने वाली विजयी ध्वजा ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विषयाधीन – Vishayadhina. Worldly sensual pleasures, ultimately causing trouble. लौकिक सुख, इन्द्रिय विषयक या इन्द्रियों से उत्पन्न होने वाला सुख जो सुखाभास है तथा जिसका परिणाम दुःखरूप होता है “