पुराण!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुराण – Purana. A class of voluminous work in Sanskrit dealing with the lives of 63 ancient great personalities. ६३ शलाका पुरुषों के जीवन- चरित्र पर आधारित शास्त्रों को पुराण कहते हैं. जैसे- आदिपुराण, पद्मपुराण आदि “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुराण – Purana. A class of voluminous work in Sanskrit dealing with the lives of 63 ancient great personalities. ६३ शलाका पुरुषों के जीवन- चरित्र पर आधारित शास्त्रों को पुराण कहते हैं. जैसे- आदिपुराण, पद्मपुराण आदि “
दिगम्बर आम्नाय A sect of Jaina. जैनों में वह भेद (मत) जो साधु एक भगवान को निग्र्रंथ वस्त्रादि रहित दिगम्बर मानते हैं। वर्तमान में जैन धर्म में दो आम्नाय चली आ रही न दिगम्बर आम्नाय है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रज्ञापनीय पर्याय – Pragyaapaneeya paryaaya. One that can be expressed in vocal form. जो पदार्थ वचनों से कहा जा सके “
तुरीय चारित्र A super conduct, to be observed in the 10th stage of spiritual development (Gunsthan). चैथा सूक्ष्मसाम्पराय चारित्र , यह 10 वें गुणस्थान में होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रख्यात – Prakhyata. Famous, Prominent. प्रसिध्द, ख्यातिप्राप्त “
दासत्व Servitude; being in the service of God. सेवकपने की भावना सम्यग्दृष्टि का वात्सल्य गुण सिद्ध प्रतिमा, जिनबिम्ब, जिनमन्दिर, चार प्रकार के संघ में और शास्त्रों में वात्सल्य भाव भी दासत्व कहलाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पृथकत्व – Prthaktva. Number between 3 to 9 (days, years etc.), Differentiation, separateness. तीन से ऊपर और नौ से नीचे की संख्या जैसे – दिवस प्रथकत्व या वर्ष प्रथकत्व कहने पर क्रमश: ४ से ८ दिन या वर्ष जानना चाहिए “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यक्षवर(सागर द्वीप)– Yakshvar (Saagar Dvip). Name of a island and ocean of middle universe. मध्यलोक के अंतिम सौलह द्वीपों में तेरेहवा द्वीप व समुंद्र”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विभाव गुण – Vibhava Guna. Extrinsic qualities, contrary to real nature. जीव के मतिज्ञान आदि ४ ज्ञान एवं पुद्ग्ल के परमाणु द्रव्य के वर्णादि गुण को छोडकर द्रयअणु आदि स्कन्धों के विभाव गुण हैं “