धर्म!
धर्म Religion, Daily observances of religious rites. ‘‘उत्तमे सुखे धरतीति धर्म’’ अर्थात् जो प्राणियों को उत्तम सुख में पहुँचा दें, उपासना करना, सत्कर्म। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धर्म Religion, Daily observances of religious rites. ‘‘उत्तमे सुखे धरतीति धर्म’’ अर्थात् जो प्राणियों को उत्तम सुख में पहुँचा दें, उपासना करना, सत्कर्म। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रह्लाद – हसितनापुर के राजा पù के बलि आदि 4 मंत्रियों में एक मंत्री इसी के साथ बलि ने अकम्पनाचार्य अदि 700 मुनियों पर उपसर्ग किया था। Prahalada- One who committed tyranny on all 700 saints (akampanacharya etc) with bali
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संख्यात भागवृद्धि – Sankhyaata Bhaagavriddhi. Finite increase in any number. किसी संख्या का संख्यात भाग किसी में बढ़ाना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रसुप्त दशा- सोया हुआ, प्रगाढ़ निद्रा की अवस्था। Prasupta Dasa- Dormant state, state of sound sleep
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहुविध मतिज्ञानावरण- बहुविध मतिज्ञान पर आवरण करने वाला कर्म। Bahuvidha Matijnanavarana- An occurring Karma of sensory knowledge
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव – निर्जरा – Bhava Nirjara. Attributing Nirjara, volitional shedding off or volitional dissociation of Karmas. कर्मशक्ति के निर्मूलन में समर्थ जीव के परिणाम भाव निर्जरा है ” अर्थात् जिन भावों से कर्म झड़ें “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संक्षेप सम्यक्तवार्य – Sankshepa Samyaktvaarya. See – Sankshepa Darshanaarya. देखें – संक्षेप दर्शनार्य “
द्वैताद्वैतवाद Name of a Vedant philosophy (Nimbak). निम्बक वेदांत (ई.12) में निम्बार्काचार्य ने इसकी स्थापना की , वेदांत पारिजात, सौरभ व सिद्धांतरत्न इसके प्रमुख ग्रंथ हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्विस्थानीय A type of actual fruition of Karmic matters. अनुभाग बंध अप्रशस्त प्रकृतियों की अपेक्षा लता दारू रूप अथवा नीमकांजीर रूप तथा प्रशस्त प्रकृतियों की अपेक्षा गुड़ खाण्ड रूप बंध।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]