आशीष!
आशीष Benediction, Blessing. आशीर्वाद मंगलकामना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्माणरजस् – Nirmaanarajas. A heavenly deity (Laukantik Deva). एक लौकान्तिक देव “
आसादन Death of demoralized saints. ज्ञानवरणीय- दर्शनावरणीय कर्म के आस्रव का कारण जो ज्ञान का प्रकाश कर रहा है। तब शरीर या वचन से उसका निषेध करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य द्रव्यमल – Bahya Dravyamala. Excreting materials of the body. स्वेद , मल , रेणु , कर्दम इत्यादि बाह्य द्रव्यम्ल कहलाते है “
आयुक्तकरण Inclinalion towards destruction of hermaphrodite libido (Neutralizalion). नपुंसक वेद की क्षपणा या उपशामना के लिए उद्यत होकर प्रवृत होना- उद्यतकरण है, आरम्भकरण व आयुक्तकरण एकार्थक है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य करण – Bahya Karana. External cause causing certainty for the comple-tion of any work. कार्य सिध्द में साधकतम बाह्य निमित जिसके होने पर कार्य की सिध्द निशिचत होती है “
चतुर्गति Four body forms or destinities; Hell, Animals and Plants, Human beings and Deities. चार गतियाँ ; नरक , तिर्यंच , मनुष्य व देवगति ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उत्पन्न स्थान सत्तव Reforming of Karmas by reducing Karmic Sthiti. पूर्व पर्याय में जो उद्वेलना व बिना उद्वेलना से सत्तव हुआ है उसका उत्तर पर्याय में उत्पन्न होना। वहाँ उत्तर पर्याय में उस सत्तव को उत्पन्न स्थान में सत्तव कहा है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निरास्रव – Niraasrava. Devoid of attachments, ill-feelings etc. सम्यग्दृष्टि जीव अर्थात् राग, द्वेष और मोह से रहित होना निरास्रव कहलाता है “
फलदान State of Karma causing fruition. अपने फल के उत्पन्न करने में समर्थ कर्म अवस्था । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]