शूद्र वंश!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शूद्र वंश – Shudra Vansha. The lineage of Shudras(see-Shudra). भगवान ऋषभदेव द्वारा स्थापित क्षत्रिय, वैश्य व शूद्र इन तीन वर्णों में एक वर्ण “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शूद्र वंश – Shudra Vansha. The lineage of Shudras(see-Shudra). भगवान ऋषभदेव द्वारा स्थापित क्षत्रिय, वैश्य व शूद्र इन तीन वर्णों में एक वर्ण “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्त्यानत्रिक – Styanatrika. A triplet of karmic nature related to sleepiness.स्त्यानगृद्वि, निद्रानिद्रा, प्रचलाप्रचला ये तीन कर्म प्रकृतियाॅ स्त्यानत्रिक कहलाती है।
तरेप्पन क्रिया वृत Union or association with youngs (which is prohibited in relation to observing celibacy). श्रावक की 53 क्रियाओं के वृत – अष्टमूलगुण , बारह व्रत, बारहि तप, समता भाव, ग्यारह प्रतिमाएं, चार दान, पानी छानकर पीना, रात्रि भोजन त्याग, सम्यग्दर्शन सम्यग्ज्ञान आसैर सम्यग्चारित्र के वृत । इनकी विधिस ग्रंथों में देखें। [[श्रेणी: शब्दकोष…
चाक्षुष Visible, which can be seen by eyes. आँखों से देखने योग्य ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समाधितंत्र – Samaadhitantra. Name of a treatise written by Acharya Pujyapad. आचार्य पूज्यपाद (ई.श. 5) कृत अध्यात विषयक 105 संस्कृत श्लोकों मे निबद्व ग्रंथ। अपरनाम समाधिषतक है।
तर्क Argument, Inductive reasoning, Logic. उपलब्धि और अनुपलब्धि की सहायता से होने वाला व्याप्तिज्ञान जैसे – धुएँ को देखकर अग्नि का ज्ञान होना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चितिशक्ति Power of consciousness. अजड़त्व अर्थात चेतनत्व स्वरुप चितिशक्ति है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तपशुद्धि Purity through austerity. सदा संयम, समिति, ध्यान और योगों में प्रमाद रहित होते हुए तपश्चरण तथा तेरह प्रकार के चारित्र में उद्यमी रहने हुए पापों का नाश करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
घोष A habitation of herdsmen, Outcry, Roar, Name of a celestial deity. अहीरों की बस्ती , शब्द का एक भेद , भवनवासी देवों के स्तनित कुमार जाति के प्रथम इन्द्र का नाम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समरसी भाव – Samarasee Bhaava. Supreme temperament. घ्येय और घ्याता का एकीकरण समरसीभाव माना गया है। यही एकीकरण समाधिरुप ध्यान है।